बहरागोड़ा . बहरागोड़ा प्रखंड की पाथरी पंचायत के किसान इन दिनों सब्जी की खेती की तैयारियों में जुटे हैं. खेतों में खाद और गोबर डाला जा रहा है, ताकि पहली बारिश होते ही बुवाई शुरू की जा सके. यहां लगभग 1000 बीघा पर सब्जी उगायी जाती है. किसानों की आय का मुख्य जरिया खेती है. किसानों ने बताया कि अप्रैल में झींगा, करेला और खीरा की खेती होगी. बरसात में उत्पादन अच्छा होता है, जिससे साल भर की आर्थिक स्थिति संभलती है.
निजी सबमर्सिबल से पानी खरीदने को विवश:
क्षेत्र में सरकारी स्तर पर सिंचाई की व्यवस्था नहीं है. किसान निजी सबमर्सिबल से पानी खरीदकर सिंचाई करते हैं. जिन खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाता, वहां की खेती भगवान भरोसे रहती है. किसानों ने सरकार से गुहार लगायी है कि सिंचाई की समुचित व्यवस्था हो.
मंडी नहीं होने से बिचौलियों का बोलबाला:
पाथरी पंचायत के मोहुलडांगरी, बामडोल, गोहालडीह और पाथरी समेत आधा दर्जन गांवों के लगभग 200 से अधिक परिवार सब्जी उत्पादन करते हैं. इसके बावजूद यहां नजदीक में मंडी नहीं है. किसानों को बिचौलियों को कम दाम पर सब्जी बेचनी पड़ती है, जो पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के अन्य हिस्सों में ऊंचे दाम पर बेचते हैं.
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