मुसाबनी. मुसाबनी प्रखंड में लाखों रुपये की लागत से तैयार सरकारी भवन बिना उपयोग के धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील हो रहे हैं. विकास योजनाओं के नाम पर नये भवनों का निर्माण धड़ल्ले से किया जा रहा है, लेकिन उनका सही समय पर उपयोग सुनिश्चित नहीं होने से सरकारी राशि की भारी बर्बादी हो रही है.
राजस्व कर्मियों के लिए बने आवासों में लटक रहे ताले:
पाथरगोड़ा में मुसाबनी-हाता मुख्य सड़क के किनारे राजस्व कर्मचारियों के लिए बना दो मंजिला आवास लंबे समय से खाली पड़ा है. इस आलीशान भवन में ताले लटक रहे हैं. वहीं खिड़की क्षेत्र में राजस्व कर्मियों के लिए बना आवास उपयोग में नहीं लाये जाने के कारण बंद पड़ा है. कर्मियों को आवासीय सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है.थाना और बहुउद्देशीय भवन की स्थिति खराब:
पाथरगोड़ा में वर्षों पूर्व बना थाना भवन बिना उपयोग के जर्जर हो चुका है. इसी तरह, पुराने प्रखंड परिसर की स्थिति चिंताजनक है. यहां बना डाबाकारा भवन और बहुउद्देशीय भवन समेत लगभग आधा दर्जन भवन ऐसे हैं, जिनका आज तक कोई उपयोग नहीं किया गया. रख-रखाव के अभाव में ये इमारतें अब असामाजिक तत्वों का अड्डा या कूड़े के ढेर में तब्दील हो रही हैं.
स्वास्थ्य केंद्रों की हालत भी दयनीय
प्रखंड में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से लाखों की लागत से आयुष्मान आरोग्य भवनों का जाल बिछाया जा रहा है. विडंबना यह है कि कई आयुष्मान आरोग्य भवन निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद भी बंद पड़े हैं. इसके कारण ग्रामीणों को इलाज के लिए अब भी दूर-दराज के क्षेत्रों में भटकना पड़ रहा है.
जनता का सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इन भवनों का उपयोग ही नहीं करना था, तो जनता की गाढ़ी कमाई के लाखों रुपये निर्माण पर क्यों खर्च किये गये. विभागों ने नयी योजनाओं के तहत भवन बना दिये हैं, लेकिन उनके संचालन और देख-रेख की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया जाता है.
