मुसाबनी : सुरदा खदान व मुसाबनी प्लांट चालू करने में 66 लाख रुपये का बकाया बिजली विपत्र रोड़ा बना है. आइआरएल ने जेएसइबी को बकाया बिजली बिल का भुगतान नहीं किया. बिजली बोर्ड ने बकाया भुगतान नहीं होने के कारण पंपू घाट का बिजली संयोजन काट दिया है. पंपू घाट सुवर्णरेखा नदी से पानी पाइप लाइन से कंपनी तालाब में पहुंचाया जाता है.
कंपनी तालाब से मुसाबनी टाउनशीप में जलापूर्ति के साथ मुसाबनी कांस्ट्रेंटर प्लांट में जलापूर्ति होती है. पंपू घाट में बिजली संयोजन नहीं होने से मुसाबनी प्लांट चालू करने में दिक्कत है. वहीं टाउनशिप में जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका है. बिजली संयोजन के मुददे को लेकर दो अगस्त को एचसीएल और श्रीराम इपीसी के पदाधिकारियों का एक दल जेएसइबी के अधीक्षण अभियंता मन मोहन कुमार से मिले. कंपनी अधिकारियों सुरदा खदान व प्लांट चालू करने के लिए पंपू घाट में बिजली संयोजन देने का अनुरोध किया, ताकि 15 सौ मजदूरों को रोजी रोटी दिया जा सके. इस मुद्दे पर कोई ठोस निर्णय नहीं हो पाया है.
दो वर्ष से है बकाया : जानकारी के अनुसार पंपू घाट में बिजली संयोजन आइआरएल ने अपने नाम से लिया था. इसका प्रतिमाह करीब तीन लाख रुपये का बिजली बिल करीब दो वर्ष से भुगतान नहीं हुआ है. इसके बाद आइआरएल कंपनी फरार हो गयी है. पंपू घाट में बिजली संयोजन आइआरएल ने एचसईएल से बिना एनओसी के लिया था. अब 66 लाख रुपये का बिल भुगतान को लेकर मामला फंसा है. इस मामले में समाधान किए बिना प्लांट चालू करना एक चुनौती है.
सुरदा खदान चालू करने में हो रही परेशानी
विभाग ने पंपू घाट की बिजली काट दी
श्रीराम इपीसी ने बिजली कनेक्शन देने की मांग की
बैठक में किसी मुद्दे पर नहीं बन सकी सहमति
