व्यवस्था दुरुस्त करने को केयू से मिले 20 लाख
कॉलेज के कक्षाएं जर्जर हालत में
अधिकांश कक्षा से टपक रहा है पानी
घाटशिला : घाटशिला कॉलेज में नैक (राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद) की टीम सितंबर में व्यवस्था व सुविधाओं का निरीक्षण करने आयेगी. नैक टीम के आने से पूर्व कॉलेज को व्यवस्थित करने के लिए कोल्हान विश्वविद्यालय ने करीब 20 लाख रुपये आवंटित की है. उक्त राशि से कॉलेज में होने वाले कार्य टेंडर से होगा.
टेंडर की प्रक्रिया में समय लगेगा. ऐसे में नैक टीम के आने का समय हो जायेगा. नैक टीम के आगमन से पूर्व कॉलेज की व्यवस्था सुधरेगी. यह कहना मुश्किल है. फिलहाल कॉलेज की व्यवस्था दयनीय है. कॉलेज के प्राचार्य डॉ बिनोद कुमार छुट्टी पर हैं. वे मुंबई गये हैं. डॉ कुमार ने प्रोफेसर इंचार्ज का प्रभार प्रो मुकुटधारी प्रसाद सिंह को दिया है. प्रो सिंह यूजी पार्ट टू की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में जमशेदपुर जा रहे हैं. बुधवार को प्रो सिंह ने उनकी अनुपस्थिति में कॉलेज का संचालन का जिम्मा राजनीति विज्ञान के शिक्षक डॉ सुरेंद्र प्रसाद सिंह को दिया है. उन्होंने जारी पत्र में कहा है कि उनकी अनुपस्थिति में कॉलेज का संचालन डॉ एसपी सिंह करेंगे.
चारों तरफ गंदगी का अंबार, भवनों की रंगाई-पुताई नहीं
कॉलेज में चारों तरफ गंदगी का अंबार है. भवनों की रंगाई पुताई का काम शुरू नहीं हुआ है. पुराने भवनों में लगी खिड़कियां टूट कर झूल रही हैं. कब कौन सी खिड़की गिरेगी. कहना मुश्किल है. पुराने भवनों के छज्जे टूट-टूट कर गिर रहे हैं. अधिकांश भवनों से पानी टपक रहा है. ऐसे में भवनों की मरम्मत की जरूरत है.
32 लाख का लैंग्वैज लैब शोभा की वस्तु
घाटशिला कॉलेज में 32 लाख की लागत से बना डिजिटल लैंग्वैज लैब भी शोभा की वस्तु बन कर रह गयी है. 17 अप्रैल 2017 को लैंग्वैज लैब का उदघाटन हुआ. इसके बाद से अभी तक एक भी विद्यार्थी ने लैंग्वैज लैब में कदम नहीं रखा है. लैब के दरवाजे पर ताला लटक रहा है. सूत्रों का कहना है कि लैब में कक्षाएं लेने के लिए शिक्षक नहीं हैं. इतनी बड़ी राशि से बनी लैब के संचालन के लिए कोई कदम आगे नहीं बढ़ा रहा है.
