चित्रेश्वर के पौराणिक शिव मंदिर के पास ही सड़क बनी है दलदल
बहरागोड़ा : बहरागोड़ा की बहुलिया पंचायत स्थित शिव नगरी चित्रेश्वर गांव में दलदल बनी सड़क का विरोध ग्रामीणों ने शनिवार को एक नये से तरीके किया. ग्रामीणों ने प्रशासन और जन प्रतिनिधियों का ध्यान आकृष्ट करने के लिए उक्त सड़क पर धान की रोपनी की. विदित हो कि उक्त सड़क शिवनगरी को पश्चिम बंगाल से जोड़ती है.
ग्रामीण काफी दिनों से उक्त सड़क की मरम्मत की मांग कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि उक्त स्थल पर नालियों का पानी सड़क पर बहता है. बरसात में सड़क का उक्त भाग दलदल बन गया है. इससे यहां के लोग परेशान हैं. मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है. यह सड़क चित्रेश्वर के दास टोला, गिटी टोला, बर टोला तथा बंगाल से जुड़ती है. सावन के महीना में इस सड़क के सैकड़ों श्रद्धालु आते हैं. सड़क की मापी करने के लिए सीओ को आवेदन दिया गया था,
लेकिन कुछ नहीं हुआ. आक्रोशित ग्रामीणों ने शनिवार को दलदल बनीं सड़क पर धान की रोपनी कर विरोध जताया. इधर, सीओ अभय कुमार झा ने कहा कि ग्रामीणों ने मापी के लिए आवेदन दिया था. सोमवार को मापी की जायेगी.
जमुआ पीएचसी बना गोदाम
चाकुलिया प्रखंड में कभी सर्वाधिक नक्सल प्रभावित गांव के नाम से विख्यात (अब नक्सल मुक्त) जमुआ में लाखों रुपये से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य उप केंद्र को पंचायत मंडप निर्माण के संवेदक मेसर्स एमए इंटरप्राइजेज ने गोदाम बना रखा है. इस केंद्र में ग्रामीणों का इलाज नहीं होता. केंद्र में कई कमरे में संवेदक के आदमी रहते हैं और कई कमरों में सीमेंट की बोरियां रख दी गयी हैं. केंद्र परिसर में रड समेत अन्य सामान बिखरे पड़े हैं. स्वास्थ्य विभाग इससे अनजान बना है. स्वास्थ्य उप केंद्र के बगल की भूमि पर 22 मार्च से जिला परिषद के तहत संवेदक द्वारा पंचायत मंडप का निर्माण शुरू किया गया. संवेदक ने स्वास्थ्य उप केंद्र भवन पर कब्जा कर लिया. केंद्र के कमरों में संवेदक के आदमी रहते हैं. कमरों में निर्माण की सामग्रियां भरी हैं. ग्रामीणों का कहना है कि इस केंद्र में आज तक कोई स्वास्थ्य कर्मी नहीं आया है. केंद्र की छत पर लगी पानी टंकी टूट कर गिरी पड़ी है. समरसेबुल का खराब मोटर एक कमरे में रखा है.
