बाघुड़िया उवि . मैट्रिक में उत्तीर्ण 21 परीक्षार्थी सम्मानित
गालूडीह : बाघुड़िया उत्क्रमित उच्च विद्यालय में एक भी हाई स्कूल शिक्षक नहीं हैं. इसके बावजूद गरीब तबके के बच्चों ने मैट्रिक में बेहतर रिजल्ट किया. 32 बच्चों में से 21 उत्तीर्ण (छह प्रथम श्रेणी, 14 द्वितीय श्रेणी और एक तृतीय श्रेणी) रहे. उक्त बातें बाघुड़िया उउवि में सोमवार को सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि बहरागोड़ा के विधायक कुणाल षाड़ंगी ने कहीं. कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि आदर्श गांव में सभी आधारभूत संरचना होनी चाहिए, लेकिन स्कूल में शिक्षक नहीं हैं. यह कैसा आदर्श गांव है. राज्य सरकार अपने ढाई साल के कार्यकाल में मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं कर पायी. बाघुड़िया आदर्श गांव और स्कूल का मामला मॉनसून सत्र में सदन में उठायेंगे. शिक्षक की बहाली नहीं कर सरकार एक तरह से आदिवासी और गरीब तबके के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है.
15 दिनों में सरकार शिक्षक दे, अन्यथा बीआरसी में जड़ देंगे ताला: रामदास सोेरन : विशिष्ठ अतिथि घाटशिला के पूर्व विधायक सह झामुमो के जिलाध्यक्ष रामदास सोरेन ने कहा 15 दिनों में सरकार बाघुड़िया उउवि में शिक्षक दे. अन्यथा बीआरसी में ताला जड़ देंगे. वर्ष 2011-12 में बाघुड़िया मवि को उत्क्रमित कर हाई स्कूल का दर्जा दिया गया था, लेकिन हाइस्कूल के शिक्षक नहीं दिए गये. बच्चे कैसे पढ़ेंगे. सरकार अगर 15 दिनों में कोई पहल नहीं करती है तो मैं अपनी पेंशन की राशि से तीन हाई स्कूल के निजी शिक्षकों को रखेंगे. पहले से इस स्कूल में संताली के एक शिक्षक को अपने जेब से मानदेय देकर रखे हैं.
सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ : समारोह में स्कूली छात्र-छात्राओं ने नृत्य, संगीत समेत कई तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए. समारोह का संचालन सुनाराम सोरेन ने किया. स्वागत भाषण स्कूल के एचएम ईश्वर चंद्र शर्मा ने किया. समारोह में शिक्षक सुरेंद्र वर्मा, गौतम रजक, अल्पना महतो, कुतलू मार्डी, ग्राम प्रधान पुरूषोत्तम सोरेन, सुशांत पातर, झामुमो नेता जगदीश भकत, सुभाष सिंह, निर्मल चक्रवर्ती, मजहर हुसैन, सुभाष पात्र, दुर्गा चरण मुर्मू समेत अनेक स्कूली बच्चे उपस्थित थे.
मैट्रिक के सम्मानित छात्र-छात्राएं
बाघुड़िया उउवि से मैट्रिक परीक्षा में राम हांसदा, विश्वनाथ मुर्मू, गोपाल महतो, जगन्नाथ भकत, सुरेश मुर्मू , दिनेश कुमार, लखी राम मार्डी, मोहन सोरेन, राजेश भकत, करमू महतो, लखी राम मार्डी, मार्शल मुर्मू, चुनू राम हांसदा, सोनामनी सोरेन, कापुर मनी हेंब्रम, जलेश्वरी मुर्मू, पालोनी सोरेन, गीता सिंह, दीपिका रानी महतो, रानी टुडू और प्रभाती सिंह शामिल हैं. सभी को लखाई मुर्मू ने लिखित हिंदी, अंग्रेजी और संताली अनुवाद पुस्तक, कलम, डायरी देकर सम्मानित किया गया.
