मुसाबनी. पूर्वी मुसाबनी पंचायत सचिवालय के समीप बन रहे उप स्वास्थ्य केंद्र के भवन निर्माण में ग्रामीणों ने सरकारी मानकों की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाया है. करीब 55 लाख रुपये की लागत से भवन का काम बिना सूचना पट्ट (साइन बोर्ड) के किया जा रहा है.
ग्रामीणों का आरोप है कि भवन के कॉलम की ढलाई में लापरवाही बरती जा रही है. प्राक्कलन के अनुसार पिलर में 12 एमएम का सरिया लगाया जाना चाहिए, लेकिन संवेदक 10 एमएम का स्थानीय (लोकल) सरिया उपयोग कर रहा है. इतना ही नहीं, भवन के निर्माण के लिए नींव की सही तरीके से खुदाई नहीं की गयी है. केवल पिलर डालकर ऊपर से टाई-बीम बनाकर ढांचा खड़ा किया जा रहा है.स्थानीय मजदूरों की अनदेखी का आरोप:
निर्माण कार्य में स्थानीय मजदूरों के बजाय बाहरी (गदरा गोविंदपुर) के मिस्त्री और कुलियों को लगाया गया है. स्थानीय लोगों के विरोध के बाद पिछले एक सप्ताह से कुछ महिला मजदूरों को काम पर रखा गया है, लेकिन उन्हें भी सरकारी दर से कम भुगतान किया जा रहा है. महिला मजदूरों के अनुसार उन्हें केवल 300 रुपये दैनिक मजदूरी मिल रही है, जबकि सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी 326.85 रुपये है.
जेई ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया:
इस संबंध में योजना के कनीय अभियंता (जेइ) राकेश कुमार ने कहा कि नियमतः कार्यस्थल पर सूचना पट्ट होना अनिवार्य है. उन्होंने स्पष्ट किया कि नींव की ढलाई और ब्रिक सोलिंग के साथ पिलर में स्वीकृत कंपनी का 12 एमएम सरिया ही लगना चाहिए. श्री कुमार ने जल्द ही कार्यस्थल की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
