चाकुलिया : चाकुलिया के आनंदलोक के एक भाग को लखन मांडी और सुखी मांडी के कब्जा से मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने एक जुलाई को सख्ती दिखायी, तो सुखी मांडी और लखन मांडी ने 12 कमरों वाले भवन को शनिवार को खाली कर दिया. एक और भवन उनके कब्जे में है, जिसमें वे वर्षों से रहते हैं. विदित हो कि एक जुलाई को प्रशासन ने बलपूर्वक कब्जे से मुक्त कराने की तैयारी कर ली थी. इसके लिए भारी संख्या में पुरुष और महिला पुलिस बल मंगायी गयी थी.
इससे पूर्व हूल दिवस होने के कारण प्रशासन ने दो दिनों का समय दिया गया था. कहा गया था कि दो दिनों में यानी कि दो जुलाई तक आवास को खाली नहीं किया गया तो प्रशासन बल प्रयोग से खाली करायेगा. विदित हो कि आनंदलोक के एक भाग में बने आवास में लखन मांडी और सुखी मांडी वर्षों से रहते आ रहे हैं. उक्त भवन के अलावा 12 कमरों वाले एक भवन पर भी दोनों ने कब्जा कर लिया था. उक्त भवन को अस्पताल के कर्मचारियों के रहने के लिए बनाया गया था.
उक्त भवन को शनिवार को खाली कर दिया गया. लेकिन पुराना भवन को अभी तक खाली नहीं किया गया है. वैसे प्रशासन के कड़ा रुख को देखते हुए सुखी मांडी ने कहा था कि दो दिनों में वह उक्त भवन को भी खाली कर देगी. विनोद सेकसरिया ने कहा कि 12 कमरों वाले भवन को खाली कर दिया गया है.
