झामुमो आंदोलनकारी पार्टी,कार्यकर्ता जेल जाने से नहीं डरते,जुलूस में शामिल हुए जेल से छुटने वाले कार्यकर्ता
रामदास ने कहा-झामुमो व कांग्रेस कार्यकर्ताअों को किया जा रहा प्रताड़ित
गालूडीह : गालूडीह में एक जनवरी 2016 को भाजपाइयों के खिलाफ सड़क पर उतरने वाले 58 नामजद और 200 अज्ञात झामुमो और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी. घटना के डेढ़ साल बाद इस मामले में 40 झामुमो और कांग्रेस कार्यकर्ता 14 दिन पूर्व जेल गये थे. 30 जून को जमानत पर सभी जेल से छूटने के बाद शनिवार को गालूडीह में पूर्व विधायक सह झामुमो जिलाध्यक्ष रामदास सोरेन के नेतृत्व में झामुमो और कांग्रेस ने संयुक्त रूप से जुलूस निकाला.
जुलूस बस स्टैंड चौक से निकल कर मुख्य मार्ग होते हुए सुभाष चौक पहुंचा. जुलूस में शामिल कार्यकर्ताअों भाजपा के खिलाफ के नारे लगा रहे थे. जुलूस सुभाष चौक पहुंच कर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मूर्ति पर माल्यार्पण कर नमन किया. मौके पर रामदास सोरेन ने कहा कि झामुमो आंदोलनकारी पार्टी है.
लड़कर झारखंड अलग राज्य लिया. सैकड़ों नेता और कार्यकर्ता तब जेल गये. कई शहीद हो गये. कार्यकर्ता जेल जाने से नहीं डरते हैं. रघुवर सरकार एक साजिश के तहत झामुमो-कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस-प्रशासन के हाथों प्रताड़ित करा रही है. जुलूस में जिप सदस्य तुलसी वाला मुर्मू, श्रवण अग्रवाल, झामुमो प्रखंड अध्यक्ष सुनील मुर्मू, मुखिया सुभाष सिंह, झामुमो नेता दुर्गा मुर्मू, भूतनाथ हांसदा, वकील हेंब्रम, निर्मल चक्रवर्ती, रतन महतो, बबलू हुसैन, मजहर हुसैन, मुकेश मंडल, सपन महतो, कपिल महतो, लखपति, नारायण सिंह, सुनील हेंब्रम, कांग्रेस नेता रेणू वाला महतो, मानस दास, ठाकुर प्रसाद मार्डी, राजाराम गोप, समीर मदिना, सागर भकत, आदि उपस्थित थे.
क्या 353 का मामला सिर्फ झामुमो-कांग्रेस पर ही लगेगा :
श्री सोरेन ने कहा कि क्या 353 का मामला सिर्फ झामुमो व कांग्रेस पर ही लगेगा. फूलडुंगरी में पिछले दिनों पुजारी की सड़क दुर्घटना में मौत हो गयी थी. तब भाजपाइयों ने भी सड़क जाम किया था. उसके खिलाफ 353 का केस क्यों नहीं हुआ. कई थाने में कई राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ताओं के खिलाफ 353 का केस दर्ज है. वहां क्यों नहीं कार्रवाई हो रही है. गालूडीह में भाजपा के वरीय नेताओं के दबाव में पुलिस-प्रशासन काम कर झामुमो और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित करने का काम किया. अन्याय के खिलाफ व जनहित में आंदोलन का बिगुल फूंकते रहेंगे.
