मुसाबनी : मंगलवार को कोर कमेटी के मजदूरों ने प्रखंड कार्यालय पहुंच कर बीडीओ एवं सीओ को सहायक श्रमायुक्त को सौंपे गये ज्ञापन की प्रतिलिपि सौंपी. कोर कमेटी ने आइआरएल प्रबंधन द्वारा गैर कानूनी तरीके से मजदूरों की बर्खास्तगी को गलत बताया. कोर कमेटी के अनुसार आइआरएल ने तीन जून को अचानक मजदूरों को बर्खास्त करने का नोटिस चस्पा दिया . डेढ़ हजार मजदूरों को अचानक बर्खास्त करना कानून की अवहेलना है.
कोर कमेटी के अनुसार आइआरएल कंपनी ने मजदूरों को 31 दिसंबर 2017 तक की नियुक्ति पत्र दिया गया है. ऐसे में मजदूर कानूनी रूप से बर्खास्त नहीं हुए हैं. मुख्य नियोक्ता होने के नाते एचसीएल-आइसीसी को 31 दिसंबर 17 तक का मासिक वेतन भुगतान करने की जिम्मेवारी बनती है. कोर कमेटी ने एएलसी को डेढ़ हजार मजदूरों को 31 दिसंबर तक मासिक वेतन भुगतान एचसीएल से करवाने की मांग की है. मौके पर सुभाष मुर्मू, सोबरा हेंब्रम, मानस भट्टाचार्य, सुनील हेंब्रम, कार्तिक बेलदार, सोमाय हांसदा आदि मजदूर प्रखंड कार्यालय पहुचे थे.
