आइआरएल ने एचसीएल को अबतक नहीं किया हैंडओवर
बेरोजगार हुए 1500 कर्मचारियों को रोजगार देने की चुनौती
आइसीसी ने तीनों कंपनियों का प्रस्ताव कोलकाता भेजा है
मुसाबनी : बीते दो जून को रात्रि पाली से बंद सुरदा खदान व मुसाबनी प्लांट दोबारा चालू करने के प्रयास में एचसीएल प्रबंधन जुटा है. आइआरएल द्वारा अचानक खदान व प्लांट बंद कर देने से करीब डेढ़ हजार कर्मचारी बेरोजगार हो गये हैं. ऐसे में खदान व प्लांट फिर से चालू कर 15 सौ कर्मचारियों को रोजगार देने की चुनौती है.
जानकारी के अनुसार अगले कुछ माह तक सुरदा खदान व मुसाबनी प्लांट संचालित करने के लिए चेन्नई की श्रीराम इपीसी, रायपुर की इएमसी तथा स्थानीय केइडब्ल्यू ने रुचि दिखायी है. तीनों कंपनियां आइआरएल जैसी शर्तों पर खदान व प्लांट को संचालित करने को इच्छुक हैं. तीनों कंपनियों के प्रस्ताव को आइसीसी प्रबंधन ने एचसीएल मुख्यालय कोलकाता भेजा है. आइआरएल प्रबंधन द्वारा अब तक सुरदा खदान व मुसाबनी प्लांट एचसीएल को हैंड ओवर नहीं देने से पेंच फंसा है.
सुरदा फेज टू आज या कल से होगा शुरू
सूत्रों के अनुसार सुरदा फेज टू का ग्लोबल टेंडर लेने वाली कंपनी श्रीराम इपीसी अपना बंद पड़े सुरदा फेज टू को सोमवार या मंगलवार से चालू करेगी. कंपनी मुख्यालय से स्वीकृति मिलते ही धीरे-धीरे सुरदा खदान व मुसाबनी प्लांट को भी चालू की उम्मीद है. सुरदा फेज टू के चालू होने से आइसीएपीएल के मजदूरों को फिर से काम मिल जायेगा.
