सड़क सुरक्षा जागरूकता का अभाव और एनएचएआइ की खामियां बनी कारण
बहरागोड़ा. बहरागोड़ा प्रखंड से गुजरने वाले एनएच-18 और 49 पर पिछले 50 दिनों में हुईं दुर्घटनाओं में 10 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, दो दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. इससे लोगों की चिंता बढ़ गयी है. दुर्घटनाओं के लिए बेतरतीब तरीके से वाहन चलाना व एनएचएआइ की तकनीकी खामियां कारण हैं. कालियाडिंगा में बस पड़ाव और बाजार पथ को जोड़ने के लिए अंडर पास नहीं बनाया गया है. बाजार और बस पड़ाव के बीच फोर लेन सड़क को सीधा पार करना यात्रियों की मजबूरी है. यह सड़क दुर्घटना की मुख्य वजह है. इस जगह पर कट पास भी नहीं है. जिस जगह पर फ्लाई ओवर बनाया गया है, वह एक तरह से जंक्शन जैसा है. झारखंड से बंगाल का आवागमन सामान्य है, लेकिन ओडिशा से झारखंड और बंगाल को जोड़ने वाली लिंक सड़क गायब है. यह एक तरह से नक्शे का विचलन व सड़क निर्माण की तकनीकी खामियां हैं.ये जगह बने दुर्घटना जोन
बांसदा के समीप की पुलिया, झरिया मोड़, पीडब्ल्यूडी चौक, कालियाडिंगा चौक, माटिहाना, खंडामौदा, मालुआ चौक, जगन्नाथपुर चौक को एनएचएआइ ने दुर्घटना जोन के रूप में चिह्नित किया है. जिला प्रशासन ने निर्देश दिया था कि दुर्घटना स्थल चिह्नित कर जागरूकता बोर्ड लगवायें. ऐसी जगह के लिए फाइबर रीप्स और रेडियम स्टीकर लगायें. इसके बावजूद एनएचएआइ ने ठोस पहल नहीं की है. यह लोगों के लिए चिंता का विषय है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
