शिकारीपाड़ा.प्रखंड के विभिन्न भागों में मंगलवार को विषहरी देवी मां मनसा की पूजा-अर्चना धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ की गयी. मंगलवार देर रात श्रद्धालुओं ने निर्जला उपवास रखकर श्रद्धा एवं भक्ति भाव से मां मनसा के चरणों में पुष्पांजलि अर्पित की और अपने घर-परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की.
चांद सौदागर और बेहुला-लखींद्र की कथा का हुआ पाठ
पूजा के दौरान श्रद्धालुओं ने चांद सौदागर तथा बेहुला-लखींद्र की कथा के साथ मनसा मंगल का पाठ किया. धार्मिक मान्यता के अनुसार विषहरी देवी मां मनसा को महादेव की मानस पुत्री माना जाता है. सर्प भय से रक्षा और परिवार की सुख-शांति की कामना को लेकर विभिन्न वर्गों के लोग श्रद्धा के साथ मां मनसा की पूजा की परंपरा निभाते हैं.
पलासी, राजबांध और पर्वतपुर में स्थापित की गयी प्रतिमा
इसी परंपरा के तहत प्रखंड के पलासी में नेपाल स्वर्णकार एवं आनंद पाल, राजबांध में गोविंद बाउरी, बासुदेव बाउरी एवं उत्तम कुमार तथा पर्वतपुर में विकास वर्मा एवं सुकुमार मंडल ने मां मनसा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की. पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजा संपन्न करायी.
बुधवार को बलि के साथ पूजा का समापन किया गया. पूजा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला.
कई गांवों में घर-घर स्थापित हुआ घट
दूसरी ओर प्रखंड के जामकांदर, सरसाजोल, ढाका, बरमसिया, दुर्गापुर, पकदहा सहित अन्य गांवों में श्रद्धालुओं ने अपने-अपने घरों में घट स्थापित कर मां मनसा की पूजा-अर्चना की. पूजा के दौरान श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और सर्प भय से रक्षा की कामना की.
