दुमका : वर्ष 2024 के लिए केंदू पत्ता की कीमत में आठ प्रतिशत वृद्धि करने की अनुशंसा, मजदूरों को होगा बड़ा फायदा

Updated at : 08 Nov 2023 10:42 AM (IST)
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दुमका : वर्ष 2024 के लिए केंदू पत्ता की कीमत में आठ प्रतिशत वृद्धि करने की अनुशंसा, मजदूरों को होगा बड़ा फायदा

प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में हुई सलाहकार समिति की बैठक में विभिन्न पहलुओं, न्यूनतम मजदूरी दर में हुई वृद्धि एवं बाजार स्थिति को देखते हुए सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि वर्ष 2024 मौसम के लिए केन्दू पत्ती के संग्रहण दर के लिए सरकारी व रैयती भूमि 1782 रुपये प्रतिमानक बोरा दर की अनुशंसा की गयी.

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दुमका : प्रमंडलीय आयुक्त लालचंद डाडेल की अध्यक्षता में संताल परगना प्रमंडल में केंदू पत्ता की दर तय करने के लिए सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गयी. बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों के साथ वर्ष 2024 मौसम के लिए केंदू पत्ता के संग्रहण दर के निर्धारण के लिए सरकार को परामर्श देने के निमित विचार-विमर्श किया गया. बढ़ती महंगाई, न्यूनतम मजदूरी व एक दिन में केंदू पत्ता के संग्रहण क्षमता को देखते हुए इसमें आठ प्रतिशत की वृद्धि की अनुशंसा की गयी. बैठक में बताया गया कि वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग झारखंड सरकार द्वारा वर्ष 2023 मौसम के लिए केंदू पत्ते का संग्रहण दर रैयती व वन भूमि से 1650 रुपये प्रति मानक बोरा स्वीकृत किया गया था. एक मानक बोरा में 1000 पोला (कुल- 50000 पत्ता) रहता है. प्रतिदिन प्रत्येक प्राथमिक संग्रहणकर्त्ता चार घंटे की मजदूरी करके लगभग 250 (दो सौ पचास) पोला केंदू पत्ती का संग्रहण कर लेता है.


वर्तमान में कितना है मजदूरी दर

वर्तमान दर 1650 रुपये प्रतिमानक बोरा की दर से प्रत्येक प्राथमिक संग्रहणकर्त्ता को चार घंटे काम करने पर लगभग 412.50 रुपये की मजदूरी प्राप्त हो जाती है, जो सरकार द्वारा निर्धारित मजदूरी 370.73 रुपये प्रतिदिन से अधिक है. हालांकि वर्ष 2024 में केंदू पत्ता मौसम के लिए महंगाई के अनुसार लगभग 8 प्रतिशत वृद्धि करने पर केंदू पत्ता संग्रहण दर 1782 रुपये प्रति मानक बोरा हो सकता है, जिससे ग्रामीणों को प्रतिदिन लगभग 445.50 रुपये आय होगी जो वर्तमान निर्धारित मजदूरी दर 377.56 रुपये प्रतिदिन से अधिक होगा. संताल परगना प्रमंडल में पायी जाने वाली केंदू पत्तियां रोयांदार एवं मोटी होती है, जिसकी गुणवत्ता निम्न कोटि का है. विगत वर्षों की बिक्री का अध्ययन करने से यह स्पष्ट होता है कि संग्रहण दर की राशि अधिक बढ़ जाने से खरीदारों का रुझान केन्दू पत्ती क्रय करने में कम होता है. कम लॉट बिकने के कारण मजदूरों के बीच कम रोजगार का सृजन हो पाता है.

न्यूनतम मजदूरी दर में वृद्धि को लेकर की गयी अनुशंसा

बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों द्वारा विभिन्न पहलुओं, न्यूनतम मजदूरी दर में हुई वृद्धि एवं बाजार स्थिति को देखते हुए सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि वर्ष 2024 मौसम के लिए केन्दू पत्ती के संग्रहण दर के लिए सरकारी व रैयती भूमि 1782 रुपये प्रतिमानक बोरा दर की अनुशंसा की गयी.

बैठक में क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक के प्रतिनिधि के रूप में वन प्रमंडल पदाधिकारी दुमका सात्विक, उप परिवहन आयुक्त-सह-सचिव संताल परगना क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार जुगनू मिंज, आयुक्त के सचिव अमित कुमार, सदस्य लक्ष्मण प्रसाद भगत, रामबाबू त्रिपाठी, प्रदीप कुमार दत्ता, अनिरुद्ध प्रसाद साह,समीर कुमार रक्षित, मनोहर हांसदा,शंकर रविदास, सौरभ कुमार तिवारी, राहुल हांसदा आदि उपस्थित थे.

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