धनबाद के सिंदरी में वर्षों पुरानी बिजली सप्लाई की व्यवस्था बदलेगी. इसकी तैयारी झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने शुरू कर दी है. नयी व्यवस्था में यहां के लोगों को लो वोल्टेज समेत बिजली की कई समस्या से मुक्ति मिलेगी. जेबीवीएनएल, धनबाद सर्किल के अधीक्षण अभियंता एसके कश्यप ने बताया कि सिंदरी शहर में बिजली सप्लाई की व्यवस्था वर्षों पुरानी है. यहां ट्रांसमिशन लाइन को 11 केवीए व 440 वाेल्ट में कनवर्ट करने के लिए वर्षों पुरानी 3.3 वोल्ट की व्यवस्था लागू है. उपकरण भी काफी पुराने हैं. ऐसे में यहां लो-वोल्टेज, लोड बढ़ने पर बिजली के तारों के टूटने व उपकरणों के खराब होने का सिलसिला आए दिन लगा रहता है. ऐसे यह व्यवस्था बदली जायेगी. पुराने उपकरणों की जगह लेटेस्ट मशीनें लगायी जायेंगी. बिजली के तारों को भी बदला जायेगा. एजेंसी के माध्यम से सभी कार्य किये जायेंगे.
मैथन में बिजली नहीं रहने से मटकुरिया, धनसार जलमीनार से नहीं खुला पानी :
मैथन स्थित इंटकवेल की बिजली घंटों गुल रहने का असर रविवार को शहरी जलापूर्ति पर दिखा. मैथन स्थित इंटकवेल से धनबाद के भेलाटांड़ तक रॉ वाटर देर से पहुंचने के कारण शहर के दो जलमीनार मटकुरिया व धनसार से जलापूर्ति ठप रही. ऐसे में लगभग 60 हजार की आबदी को रविवार को पानी नहीं मिला. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रविवार को सुबह लगभग सात बजे मैथन स्थित इंटकवेल की बिजली कटने से मोटर बंद हो गया. सुबह सात बजे से पहले तक जितना रॉ वाटर पहुंचा, इसके ट्रीटमेंट के बाद 19 में से 17 जलमीनारों को ही भरा जा सका. सोमवार को सभी जलमीनारों से नियमित जलापूर्ति होगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
