विक्की प्रसाद, धनबाद, शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) में जल्द ही हार्मोन से संबंधित विभिन्न जांच की सुविधा शुरू होगी. दो माह से अस्पताल में यह सेवा बंद है. अब अस्पताल प्रबंधन इस सुविधा को फिर से शुरू करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है. हार्मोन जांच की सुविधा नहीं होने के कारण विशेष रूप से थायरॉयड, डायबिटीज, प्रजनन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है. गौरतलब है कि पूर्व में अस्पताल परिसर में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर संचालित एजिलस डायग्नोस्टिक केंद्र के माध्यम से मरीजों को हार्मोन समेत अन्य पैथोलॉजिकल जांच रियायती दरों पर उपलब्ध करायी जाती थी. लेकिन स्वास्थ्य चिकित्सा, शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के साथ करार समाप्त होने के बाद यह सेवा पूरी तरह बंद हो गयी. इस वजह से मरीजों को मजबूरन निजी जांच केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां उन्हें अधिक शुल्क चुकाना पड़ रहा है.
वर्तमान में अस्पताल के पैथोलॉजी में इन जांच की है सुविधा
वर्तमान में एसएनएमएमसीएच के पैथोलॉजी केंद्र में केवल सीमित जांच ही उपलब्ध हैं, जिनमें सीबीसी (सीबीसी), एलएफटी (एलएफटी), केएफटी (केएफटी), लिपिड प्रोफाइल, ब्लड शुगर (फाॅस्टिंग व पीपी), यूरिन जांच (आर/इ, सी/एस), यूरिक एसिड आदि शामिल हैं.
जांच शुरू करने के लिए अलग स्थान का चयन शुरू
अस्पताल प्रबंधन अब इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में काम कर रहा है. अधीक्षक डॉ डीके गिंदौरिया के अनुसार अस्पताल में हार्मोन जांच के लिए अलग से स्थान चिन्हित किया जा रहा है. साथ ही आवश्यक मशीन और किट की खरीदारी की योजना बनायी जा रही है. मशीन इंस्टॉल होने के बाद अस्पताल में ही यह सेवा शुरू कर दी जाएगी. इसके अलावा कुछ निजी जांच केंद्रों से भी बातचीत चल रही है, ताकि अस्थायी तौर पर सेवा बहाल की जा सके. दोनों विकल्पों में से किसी एक को जल्द लागू किया जाएगा.
हर दिन 400 मरीजों को लिखा जाता है हार्मोन जांच
अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार प्रतिदिन औसतन 300 से 400 मरीजों को चिकित्सीय परामर्श के बाद हार्मोन जांच की आवश्यकता होती है. ऐसे में यह सुविधा शुरू होने से बड़ी संख्या में मरीजों को सीधे लाभ मिलेगा. हार्मोन जांच की उपलब्धता से थायरॉयड, मधुमेह, बांझपन, हार्मोनल असंतुलन, पीसीओडी जैसी समस्याओं का समय पर पता लगाना संभव होगा. जिससे गंभीर बीमारियों से बचाव किया जा सकेगा.
हार्मोन जांच में शामिल प्रमुख टेस्ट
हार्मोन जांच शरीर में विभिन्न ग्रंथियों (एंडोक्राइन सिस्टम) के कार्यों का मूल्यांकन करने के लिए की जाती है. इनमें प्रमुख रूप से थायरॉयड फंक्शन टेस्ट (टी3, टी4, टीएसएच), इंसुलिन लेवल, कोर्टिसोल टेस्ट, प्रोलैक्टिन, टेस्टोस्टेरोन, एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन, एफएसएच (एफएसएच), एलएच (एलएच) जैसे टेस्ट शामिल होते हैं. इसके अलावा विटामिन-डी और विटामिन बी-12 की जांच भी कई बार हार्मोनल असंतुलन से जुड़ी होती है.
मरीजों को मिलेगा यह लाभ
अस्पताल में हार्मोन जांच सुविधा शुरू होने से मरीजों को कई तरह के फायदे होंगे. सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि उन्हें निजी लैब में महंगी जांच कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी. सरकारी अस्पताल में मामूली शुल्क पर जांच उपलब्ध होने से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को विशेष राहत मिलेगी. इसके अलावा समय की भी बचत होगी, क्योंकि मरीजों को बाहर भटकना नहीं पड़ेगा. अस्पताल में ही जांच और इलाज दोनों की सुविधा मिलने से डॉक्टर भी बेहतर तरीके से रोग का निदान कर सकेंगे.
