बंगाली वेलफेयर सोसाइटी की ओर से गोल्फ ग्राउंड धनबाद में आयोजित 10 दिवसीय पुस्तक मेला का उद्घाटन शुक्रवार को हुआ. उद्घाटन समारोह में झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने युवा पीढ़ी से पुस्तकों से जुड़ने की अपील की. उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में मोबाइल से केवल सूचनाएं मिलती हैं, जबकि ज्ञान, तथ्य और गहराई पुस्तकों में ही मिलती है. अतीत, इतिहास और संस्कृति को समझने के लिए किताबों का कोई विकल्प नहीं है. उन्होंने कहा कि देश-विदेश के लेखक भले ही स्वयं उपस्थित नहीं हो सके हैं, लेकिन उनकी पुस्तकों के माध्यम से ज्ञान का विशाल भंडार यहां उपलब्ध है. धर्म, शास्त्र, विज्ञान और साहित्य सभी विषयों की पुस्तकें समाज को समृद्ध बनाती हैं.
बांग्लाभाषियों की भूमिका और राजनीतिक भागीदारी पर सवाल
विधानसभा अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार झारखंड में लगभग 78 लाख बांग्लाभाषी रहते हैं. धनबाद में भी पांच लाख से अधिक बांग्लाभाषी हैं. इसके बावजूद उनकी राजनीतिक उपस्थिति अपेक्षाकृत कमजोर है. उन्होंने समाज से आत्मकेंद्रित सोच से बाहर निकलकर भाषा, संस्कृति और पहचान को बचाने के लिए सक्रिय होने का आह्वान किया. इस अवसर पर टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो, धनबाद विधायक राज सिन्हा, निरसा विधायक अरूप चटर्जी और प्रख्यात लेखक भागीरथ मिश्रा भी मौजूद थे. आयोजन में सोसाइटी के अध्यक्ष अतनु गुप्ता, सचिव गोपाल भट्टाचार्य और सांस्कृतिक प्रभारी सुतापा सेनगुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
आंधी-बारिश से बाधित हुआ कार्यक्रम
उद्घाटन के दिन तेज आंधी और बारिश के कारण कई स्टाल क्षतिग्रस्त हो गये. पुस्तकों को भी नुकसान पहुंचा. खराब मौसम के चलते सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा, जिससे कलाकारों में निराशा दिखी.
12 अप्रैल तक चलेगा मेला, रोज होंगे कार्यक्रम
मेले में 60 स्टाल लगाये गये हैं, जिनमें बांग्ला, हिंदी और अंग्रेजी पुस्तकों के साथ जासूसी उपन्यास भी उपलब्ध हैं. मेला प्रतिदिन शाम चार बजे से रात 10 बजे तक चलेगा. स्कूली छात्रों के लिए प्रवेश नि:शुल्क रखा गया है. विभिन्न प्रतियोगिताओं के साथ रोज सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे.
