माले के पूर्व विधायक महेंद्र सिंह हत्याकांड में एक गवाह मुकरा, दूसरे ने अदालत में की घटना की पुष्टि

Dhanbad News: माले के पूर्व विधायक महेंद्र सिंह हत्याकांड की सुनवाई धनबाद स्थित सीबीआई अदालत में हुई. एक गवाह अपने बयान से मुकर गया, जबकि दूसरे गवाह ने घटना की पुष्टि की. अदालत में हार्डकोर नक्सली रमेश मंडल को पेश किया गया और अगली सुनवाई 30 मई तय की गई. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

धनबाद से परमेश्वर बारी की रिपोर्ट

Dhanbad News: माले के पूर्व विधायक महेंद्र सिंह हत्याकांड मामले की सुनवाई मंगलवार को धनबाद स्थित सीबीआई के विशेष न्यायाधीश विजय कुमार श्रीवास्तव की अदालत में हुई. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सीबीआई ने दो गवाहों को अदालत में पेश किया. मामले में देवेंद्र कुमार महतो और संतोष सुधाकर की गवाही कराई गई. दोनों गवाहों के बयान को अदालत ने रिकॉर्ड किया. सुनवाई के दौरान अदालत परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही.

एक गवाह ने नहीं की घटना की पुष्टि

सुनवाई के दौरान गवाह देवेंद्र कुमार महतो ने अदालत में घटना की पुष्टि नहीं की. उनके बयान को अभियोजन पक्ष के दावे से अलग माना गया. इसके बाद अदालत ने उन्हें पक्षद्रोही यानी होस्टाइल घोषित कर दिया. किसी चर्चित आपराधिक मामले में गवाह के मुकरने को जांच और अभियोजन के लिए बड़ा झटका माना जाता है. अदालत में गवाही बदलने के बाद अब सीबीआई आगे की रणनीति पर विचार करेगी.

दूसरे गवाह ने बयान में किया समर्थन

वहीं, मामले के दूसरे गवाह संतोष सुधाकर ने अदालत में अपने बयान के दौरान घटना की पुष्टि की. उन्होंने अदालत को घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी दी. सीबीआई ने अदालत के समक्ष दोनों गवाहों के बयान दर्ज कराए. अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की सुनवाई जारी रखने का निर्देश दिया है.

हार्डकोर नक्सली रमेश मंडल को अदालत में पेश

सुनवाई के दौरान जेल में बंद हार्डकोर नक्सली रमेश मंडल उर्फ साकिन दा को भी अदालत में पेश किया गया. सुरक्षा व्यवस्था के बीच उसे न्यायालय लाया गया. मामले में रमेश मंडल का नाम पहले से आरोपी के रूप में जुड़ा हुआ है. अदालत ने सुनवाई के दौरान सीबीआई को अगले चरण में और गवाह पेश करने का निर्देश दिया.

30 मई को होगी अगली सुनवाई

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश विजय कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 मई 2026 की तारीख निर्धारित की है. अदालत ने सीबीआई को निर्देश दिया कि अगली तारीख पर अन्य गवाहों को प्रस्तुत किया जाए. महेंद्र सिंह हत्याकांड लंबे समय से चर्चित मामलों में शामिल रहा है और इसकी सुनवाई पर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की नजर बनी हुई है.

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2005 में हुई थी महेंद्र सिंह की हत्या

गौरतलब है कि 16 जनवरी 2005 को माले विधायक महेंद्र सिंह की हत्या कर दी गई थी. वह बगोदर में सभा कर लौट रहे थे, तभी दुर्गीधवैया गांव के समीप बाइक सवार अपराधियों ने उन पर स्वचालित हथियारों से हमला कर दिया था. हमले में महेंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी. इस घटना के बाद पूरे राज्य में राजनीतिक हलचल मच गई थी और मामले की जांच बाद में सीबीआई को सौंपी गई थी.

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Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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