धनबाद.
अपराध की दुनिया में कदम रखने वालों बच्चों का भविष्य संवारने के लिए बरमसिया स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में एक नया प्रयोग किया जा रहा है. यहां रह रहे बच्चे समाज में एक अच्छे नागरिक बने, उसके लिए उन्हें विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है. बाल बंदियों को टूरिस्ट गाइड की ट्रेनिंग मिल रही है. जब वह संप्रेक्षण गृह से बाहर निकलेंगे तो अच्छे टूरिस्ट गाइड बनकर निकलेंगे, जो उनके रोजगार का साधन होगा.42 दिनों की दी जा रही है ट्रेनिंग
बाल संप्रेक्षण गृह के नोडल अफसर कर्नल जेके सिंह ने बताया कि बाल संप्रेक्षण गृह में लगभग 40 बाल बंदी है. उनके भविष्य को देखते हुए उन्हें ट्रेनिंग दी जा रही है. बाल बंदियों को धनबाद के सभी टूरिस्ट प्लेस के बुकलेट मुहैया कराये गये हैं. सभी को दिन भर में पांच बार उनकी जानकारी दी जाती है. वह अच्छे से बातचीत कर सकें, इसके लिए अलग से ट्रेनिंग दी जा रही है. विदेशी टूरिस्ट को समझाने के लिए बच्चों को इंग्लिश सिखाया जा रहा है.परमवीर चक्र विजेता करेंगे बच्चों को मोटिवेट
कर्नल जेके सिंह ने बताया कि 13 जम्मू-कश्मीर राइफल्स बटालियन के सूबेदार मेजर संजय कुमार, परमवीर चक्र विजेता भी बाल सुधार गृह में बच्चों से मिलकर उन्हें मोटिवेट करने आ सकते हैं. परमवीर चक्र विजेता वर्तमान में एनडीए पुणे में तैनात हैं. उन्होंने परमवीर चक्र विजेता से मुलाकात कर उनसे अनुरोध किया कि वे आयें और बच्चों से मिलें. कर्नल सिंह एनडीए भी गये और वरिष्ठ अधिकारियों से मिले, ताकि परमवीर चक्र विजेताओं को धनबाद, रांची और अन्य बाल सुधार गृह में आने की अनुमति मिल सके. उम्मीद है कि वह अप्रैल के अंत या 25 मई को आ सकते हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
