धनबाद, नया श्रम कानून बुधवार को देश में लागू हो गया. इसके विरोध में एआइसीसीटीयू (एक्टू) के बैनर तले मजदूरों ने रणधीर वर्मा चौक पर प्रदर्शन किया. काला दिवस मनाया. प्रदर्शनकारियों ने कोड को मजदूर विरोधी बताते हुए इसे पूंजीपतियों के हित में लागू करने का आरोप केंद्र सरकार पर लगाया.
वक्ताओं ने कहा कि 12 फरवरी को ऐतिहासिक हड़ताल के बावजूद मोदी सरकार ने मजदूरों की आवाज अनसुनी की और यह कोड लागू कर दिया. उन्होंने चेताया कि संयुक्त ट्रेड यूनियन इस कानून के खिलाफ लंबा संघर्ष जारी रखेगा. सड़क से लेकर संसद तक मजदूरों का हक दिलाने की लड़ाई लड़ेगा. एक्टू के जिला कार्यकारी अध्यक्ष नकुलदेव सिंह ने कहा कि यह चार श्रम कोड मजदूर विरोधी है. इसे रद्द कर 44 पुराने श्रम कानूनों को बहाल किया जाना चाहिए. मजदूरों ने सरकार से मांग की कि उनके अधिकारों और सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाये. प्रदर्शन में जिला सचिव कृष्णा सिंह, कार्तिक प्रसाद, मनोरंजन मल्लिक, जगदीश शर्मा, मधेश्वर प्रसाद, संदीप कौशल, संजय सिंह, संजीत राउत, सोहन गोप, नीलकमल बाउरी, अर्जुन नोनिया और सीटू से लीलामय गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में मजदूर शामिल हुए.Dhanbad News: लेबर कोड के विरोध में प्रदर्शन, काला दिवस मनाया
Dhanbad News: वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, मजदूरों के अधिकारों और सुरक्षा को सुनिश्चित करने की मांग.
