शहर में रसोई गैस को लेकर अनिश्चितता का माहौल है. गैस एजेंसियों के काउंटर खुलने के पहले ही उपभोक्ताओं की लंबी लाइन लग रही है. कुछ उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर मिल रहा है तो ज्यादातर उपभोक्ता बैरंग लौट रहे हैं. इधर, उपभोक्ताओं को बिना बुकिंग के ही गैस बुकिंग व डिलीवरी के मैसेज मिलने का मामला भी सामने आ रहा है, इससे भ्रम की स्थिति पैदा हो गयी है. कई लोगों का कहना है कि उन्होंने गैस बुक नहीं की है, इसके बाद भी उनके मोबाइल पर बुकिंग का मैसेज आ गया. कुछ ने बुकिंग कराई, बुकिंग का मैसेज आया, दो दिन बाद सब्सिडी ट्रांसफर का भी मैसेज आ गया. लेकिन उन्हें गैस सिलिंडर की डिलीवरी नहीं की गयी. सूत्रों की मानें तो कुछ गैस एजेंसियां ओटीपी में 15 फीसदी छूट का फायदा उठाकर दूसरे को लाभ पहुंचा रहे हैं. कालाबाजार में 970 रुपये का सिलिंडर 1500 से 1800 रुपये में बेचने की भी चर्चा है.
सिलिंडर की डिलीवरी पर सख्ती बढ़ी
इधर, कुछ गैस एजेंसियों ने केवाइसी और ओटीपी सिस्टम को अनिवार्य कर दिया है. बिना ओटीपी बताये सिलिंडर की डिलीवरी नहीं की जा रही है. बावजूद कई उपभोक्ताओं की शिकायत है कि बुकिंग के बाद भी उन्हें सिलिंडर नहीं मिला.कालाबाजारी का आरोप
इधर, बाजार में गैस सिलिंडर ऊंचे दामों पर बेचे जाने की भी शिकायतें सामने आ रही हैं. उपभोक्ताओं का आरोप है कि एजेंसी से समय पर डिलीवरी नहीं होने का फायदा उठाकर कुछ लोग ब्लैक में सिलिंडर बेच रहे हैं. इस संबंध में वीर गैस एजेंसी के संचालक देवनारायण महतो ने बताया कि डिमांड के अनुसार कंपनी से गैस की सप्लाई नहीं हो रही है. इससे बैकलॉग बढ़ गया है. जिनकी बुकिंग है, उन्हें गैस की डिलीवरी दी जा रही है. कंपनी का सख्त आदेश है कि वैसे उपभोक्ता को ही गैस की डिलीवरी करनी है जिन्होंने केवाइसी करा लिया है और जो डीएसी नंबर (ओटीपी) देंगे.क्या करें उपभोक्ता?
अनजान बुकिंग मैसेज आने पर तुरंत गैस एजेंसी से संपर्क करेंओटीपी किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को न बताएंसंदिग्ध डिलीवरी या कालाबाजारी की शिकायत संबंधित विभाग में करें
