संवाददाता, सारठ: सारठ प्रखंड में आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण के लिए सरकारी जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में बड़ी अड़चन सामने आई है. कुल 13 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए करायी गयी भूमि जांच में महज दो केंद्रों के लिए सरकारी जमीन उपलब्ध पायी गयी, जबकि 11 केंद्रों के लिए पोषक क्षेत्र में सरकारी भूमि नहीं मिली.
सारठ अंचल कार्यालय की ओर से भूमि जांच की रिपोर्ट तैयार कर उप विकास आयुक्त (डीडीसी), देवघर को भेज दी गयी है. अब रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई डीडीसी स्तर से की जानी है.
13 केंद्रों की हुई भूमि जांच, 11 के लिए जमीन नहीं मिली
जानकारी के अनुसार सीडीपीओ कार्यालय, सारठ से प्राप्त सूची के आधार पर संबंधित आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण के लिए भूमि की उपलब्धता की जांच करायी गयी थी.
सारठ सीओ के निर्देश पर राजस्व उपनिरीक्षक और अंचल अमीन ने संबंधित स्थानों पर भूमि की जांच की. जांच के बाद किन केंद्रों के लिए जमीन उपलब्ध है और किनके लिए नहीं, इसकी स्थिति रिपोर्ट में स्पष्ट की गयी है.
इन 11 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए नहीं मिली सरकारी जमीन
जांच रिपोर्ट के अनुसार जिन केंद्रों के लिए पोषक क्षेत्र में सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं मिली, उनमें नवाडीह-टू, बारा-टू, आराजोरी-वन, तुलसीडाबर, बामनगामा-टू, हेडडीह, महापुर, राजारायडीह, बरमसिया संथाल टोला, फौजदारबांक और नौनी हरिजन टोला आंगनबाड़ी केंद्र शामिल हैं.
इन केंद्रों के भवन निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ाने में परेशानी आ रही है.
काशीडीह और रानीगंज में जमीन उपलब्ध
भूमि जांच रिपोर्ट में काशीडीह और रानीगंज आंगनबाड़ी केंद्र के लिए सरकारी जमीन उपलब्ध होने की बात कही गयी है. संबंधित भूमि का उपयोग आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण के लिए किए जाने की बात रिपोर्ट में दर्ज की गयी है.
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अब डीडीसी स्तर से होगी आगे की कार्रवाई
सरकारी जमीन नहीं मिलने वाले 11 आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण की प्रक्रिया फिलहाल भूमि की उपलब्धता को लेकर अटकी हुई है. अंचल कार्यालय की जांच रिपोर्ट उप विकास आयुक्त को भेजे जाने के बाद अब रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जानी है.
आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भवन निर्माण का काम जमीन उपलब्ध होने पर ही आगे बढ़ सकेगा. ऐसे में संबंधित केंद्रों के लिए वैकल्पिक भूमि की व्यवस्था को लेकर आगे होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी.
