मंत्री के बयान पर बंगाली समाज में रोष, स्कूलों में बांग्ला पढ़ाई की मांग

करौं के विकास विद्यालय परिसर में झारखंड बंगाली केंद्रीय कमेटी की हुई बैठक

करौं. स्थानीय विकास विद्यालय परिसर में शनिवार को झारखंड बंगाली केंद्रीय कमेटी की एक बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष विद्रोह कुमार मित्रा ने की. बैठक में जमशेदपुर से आये केंद्रीय संपादक तपन कुमार सेन शर्मा ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस, रवींद्रनाथ टैगोर, स्वामी विवेकानंद, काजी नजरुल इस्लाम, पंडित ईश्वरचंद्र विद्यासागर सह एकाधिक महापुरुषों का लगाव झारखंड की इस धरती से रहा है. महान वैज्ञानिक सर जगदीश चंद्र बोस झारखंड के गिरिडीह में काफी दिनों तक रहकर पेड़-पौधे पर शोध का कार्य किया करते थे. बावजूद आज बंगभाषी समुदाय की मातृभाषा उसकी संस्कृति को मिटाने पर है. वहीं, वर्तमान सरकार के कार्यक्रम बंगभाषी विरोधी होती है. सरकारी स्कूलों में एक से दशवीं कक्षा तक बांग्ला भाषा में सभी विषयों की पाठ्य पुस्तक देने की घोषणा सरकार पूर्व में ही किया है, लेकिन इसमें अनियमितता देखी जा रही है. दूसरी तरफ सरकार के शिक्षा मंत्री गैर जिम्मेदाराना बयानबाजी करते हैं. जब उनसे बंगभाषी समुदाय के लोग मिलकर बांग्ला भाषा में शिक्षक नियुक्ति व सभी विषयों में बांग्ला भाषा पुस्तकों की याचना की तो उन्होंने कहा-पहले छात्र दो फिर हम शिक्षक और किताब देंगे. मंत्री जो संविधानिक पद पर बने हुए हैं उनका इस तरह के गैर जिम्मेदाराना बयान से झारखंड में रह रहे बंगाली समुदाय के लोगों को काफी ठेस पहुंची है. लोग आंदोलन के लिए रणनीति तैयार कर रहे हैं. एक तरफ हमारी मातृभाषा पर कुठाराघात दूसरी तरफ सरकार की मिलीभगत से रांची स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय का नाम परिवर्तित करने का फैसला तथा झारखंड के चौक-चौराहे का नाम जो बंगाली महापुरुषों के नाम से जाना जाता था. उसे मिटा दिया जा रहा है. साथ ही झारखंड के रेलवे स्टेशनों का नाम जो कभी बांग्ला भाषा में भी लिखा हुआ होता था तथा ट्रेन के आवागमन जो बंगला में भी किया जाता था, वह सभी बंद कर दिया गया है. बैठक में तीन विषयों पर प्रस्ताव पारित किया गया, जिनमें करमाटांड़ स्थित नन्दन कानन को झारखंड सरकार हेरिटेज घोषित करें, पंडित ईश्वरचंद्र विद्यासागर के नाम से एक ट्रेन का आवागमन पूर्व रेलवे हावड़ा से देवघर स्टेशन तक करने का प्रावधान करें, गिरिडीह स्टेशन का नाम बदलकर सर जगदीश चंद्र बोस के नाम से रखा जाये. मौके पर केंद्रीय कमेटी के सदस्य जमशेदपुर से सम्पादक तपन कुमार सेन, दुमका से सुब्रत कुमार सिंह व दयामय मांझी, जामताड़ा से डॉ. दुर्गा दास भंडारी, दीप्ति बिराज पॉल, कंचन गोपाल मंडल, देवघर से विकास मित्रा, करौं के आशीष आचार्य, शिशिर विष्णु, आभास चंद्र बाॅल, प्रसांतो बनर्जी, असीम बॉल, अभिजीत बॉल, निरंजन शर्मा, बाबूलाल जी, पालाजोरी शाखा से संतोष दत्ता, मारगोमुंडा प्रखंड से सचिन दत्ता आदि मौजूद थे. ——— करौं के विकास विद्यालय परिसर में झारखंड बंगाली केंद्रीय कमेटी की हुई बैठक

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Author: BALRAM

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