पारंपरिक रीति-रिवाज से सोहराय पर्व मनाने का लिया निर्णय

चितरा के जमुआ गांव में आदिवासी समाज के लोगों की बैठक

चितरा. चितरा कोलियरी प्रक्षेत्र अंतर्गत जमुआ गांव में आदिवासी समाज की ओर से सोहराय पर्व को लेकर बुधवार को एक अहम बैठक की गयी, जिसकी अध्यक्षता ग्राम प्रधान पोचन हांसदा ने की. बैठक में गांव के बुजुर्गों, युवाओं व महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. इस दौरान सामूहिक रूप से पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार पर्व मनाने जाने पर मंत्रणा की. साथ ही सर्वसम्मति से समाज के लोगों के द्वारा निर्णय लिया गया कि आगामी 10 जनवरी से पांच दिवसीय सोहराय पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया जायेगा. वहीं, ग्राम प्रधान ने बताया कि आगामी 10 जनवरी को नहाय-खाय के साथ सोहराय पर्व का शुभारंभ किया जायेगा. जबकि 14 जनवरी मकर संक्रांति के दिन पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ इसका समापन होगा. इस अवसर अखिल भारतीय आदिवासी महासभा के जिलाध्यक्ष होपना मरांडी समेत अन्य ने कहा कि सोहराय पर्व आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान और प्रकृति से जुड़ा हुआ पर्व है. इसके माध्यम से पशुधन की समृद्धि, अच्छी फसल और परिवार की खुशहाली की विशेष कामना की जाती है. साथ ही पारंपरिक गीत-संगीत, नृत्य, पूजा-अर्चना तथा सामूहिक भोज का आयोजन किया जायेगा. इस दौरान समाज की एकता, भाईचारे और परंपराओं को बनाएं रखना है. युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझें और नशा मुक्त पर्व मनायें. वहीं, ग्राम प्रधान पोचन हांसदा ने सभी ग्रामीणों से सोहराय पर्व को शांतिपूर्ण व सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की. मौके पर आदिवासी सह मजदूर नेता होपना मरांडी, परेश हांसदा, पाने हांसदा, साहेब लाल हांसदा, परेश मुर्मू, रंजीत मुर्मू, श्याम सुंदर मरांडी, जोगमांझी मांगू मरांडी, बासुदेव हांसदा, नायकी हाड़ाम बेजो हांसदा आदि मौजूद थे. हाइलार्ट्स : चितरा के जमुआ गांव में आदिवासी समाज के लोगों की बैठक

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >