फर्जी चालान पर देवघर के घाटों का खपा रहे हैं बालू

Updated at : 28 Dec 2019 7:18 AM (IST)
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फर्जी चालान पर देवघर के घाटों का खपा रहे हैं बालू

देवघर : देवघर में चलने वाले बड़े सरकारी प्रोजेक्ट में इन दिनों देवघर जिले से गुजरने वाली नदियों से बालू निकालकर खपाया जा रहा है, जबकि गिरिडीह खनन विभाग का फर्जी बालू चालान प्रस्तुत किया जा रहा है. इस खेल में देवघर व मधुपुर के बालू माफिया सक्रिय हैं. खनन विभाग ने सरकारी प्रोजेक्ट का […]

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देवघर : देवघर में चलने वाले बड़े सरकारी प्रोजेक्ट में इन दिनों देवघर जिले से गुजरने वाली नदियों से बालू निकालकर खपाया जा रहा है, जबकि गिरिडीह खनन विभाग का फर्जी बालू चालान प्रस्तुत किया जा रहा है. इस खेल में देवघर व मधुपुर के बालू माफिया सक्रिय हैं. खनन विभाग ने सरकारी प्रोजेक्ट का काम कराने वाले संबंधित विभाग के वरीय पदाधिकारी को पत्र भेजकर चालान का सत्यापन करने को कहा है, इसके लिए विभाग को खनन विभाग का पासवर्ड भी मुहैया कराया गया है.

मधुपुर के एक बालू कारोबारी देवघर के अजय नदी स्थित दोरही घाट, खिरौंदा घाट व देवीपुर में अजय नदी व पतरो नदी घाट से प्रतिदिन 200 से 300 ट्रेलर बालू देवघर में चल रहे बड़े सरकारी प्रोजेक्ट का काम करने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनी को आपूर्ति कर रहे हैं.
देवघर की इन नदियों के बालू को गिरिडीह खनन विभाग से जारी मूल चालान का स्कैन कर देवघर के बालू आपूर्तिकर्ता के नाम से तैयार कर लिया जाता है. बालू माफिया गिरिडीह के ही तकनीकी एक्सपर्ट से मिलकर मूल ऑनलाइन चालान को स्कैन कर केवल बार कोड बदलते है, जिससे इसे देखने पर आसानी से पकड़ा नहीं जा सकता है.
इस चालान को कंस्ट्रक्शन कंपनियां भी बगैर जांच कराये सीधे निर्माण कार्य कराने वाले विभाग में रॉयल्टी के साथ जमा करा देती है. एनजीटी की रोक के दौरान डंप बालू का फर्जी मैनुअल चालान भी इस्तेमाल किया गया है. इस खेल में खनन विभाग को देवघर की नदियों से बालू की अवैध तस्करी के साथ-साथ राजस्व का भी नुकसान पहुंच रहा है.
बिहार बालू भेजने में देनी पड़ती है रंगदारी
रिखिया थाना क्षेत्र में अवैध बालू कारोबार को लेकर एफआइआर दर्ज होने के बाद कई खुलासे हो रहे हैं. चांदडीह व खिरौंदा घाट से अवैध बालू उठाव के बाद इस बालू को बिहार के भागलपुर, कटिहार व पूर्णिया भेजने में कई बालू माफिया सक्रिय रहते हैं, इसमें बालू घाट के समीप आसपास के गांवों से लेकर कुंडा मोड़, करनीबाद व मोहनपुर के बालू माफिया के नाम शामिल हैं, जो बालू ट्रैक्टर से आपूर्ति करते हैं.
साथ ही थाने तक सेटिंग कराते हैं. मोहनपुर के रास्ते ट्रकाें से रात में बालू पास करने में चौपामोड़ में डुमरिया गांव के दबंग युवक को रंगदारी भी चुकानी पड़ती है. प्रति ट्रक में दो हजार से तीन हजार रुपये की रंगदारी डुमरिया के युवक को देनी पड़ती है. खनन विभाग व पुलिस अब डुमरिया के इस युवक के नाम का सत्यापन कर रही है.
डीएमओ ने कहा
देवघर में चल रहे कई सरकारी प्रोजेक्ट का काम कराने वाले संबंधित विभाग के वरीय पदाधिकारी को बालू चालान का सत्यापन करने के लिए पत्र भेजा गया हैे इसके लिए विभाग को खनन विभाग का पासवर्ड भी मुहैया कराया गया है. चालान की सत्यता की जांच में फर्जी पाये जाने पर कानूनी कार्रवाई होगी.
– राजेश कुमार, डीएमओ, देवघर
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