देवघर : ओपीडी में ड्यूटी कर रहे पदस्थािपत दोनों डॉक्टर, दो साल से बंद पड़ा डीइआइ सेंटर
Updated at : 04 Nov 2018 9:42 AM (IST)
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उदासीनता . फंड पड़े हैं लाखों रुपये, सीएस को जानकारी नहीं, उद्घाटन के बाद भी नहीं हुआ चालू देवघर : सदर अस्पताल में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत संताल परगना में संचालित एक मात्र डिस्ट्रिक्ट अरली इंटरवेंशन सेंटर (डीइआइसी) उद्घाटन के दो साल बाद भी अबतक चालू नहीं हो सका है. विभाग की ओर […]
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उदासीनता . फंड पड़े हैं लाखों रुपये, सीएस को जानकारी नहीं, उद्घाटन के बाद भी नहीं हुआ चालू
देवघर : सदर अस्पताल में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत संताल परगना में संचालित एक मात्र डिस्ट्रिक्ट अरली इंटरवेंशन सेंटर (डीइआइसी) उद्घाटन के दो साल बाद भी अबतक चालू नहीं हो सका है. विभाग की ओर से इसके लिए दो डॉक्टरों की पोस्टिंग भी की गयी है. जिनसे सदर अस्पताल प्रबंधन ओपीडी करा रहा है. जिससे साफ पता चलता है कि यह सेंटर (डीइआइसी) कागज पर ही चल रहा है.
मामले को लेकर सिविल सर्जन डॉ कृष्ण कुमार ने सदर अस्पताल के डीएस डॉ विजय कुमार को लिखित तथा मौखिक रूप से डीइआइसी को चालू कराने का निर्देश दिया है. फिर भी डीएस ने गंभीरता नहीं दिखायी. सदर अस्पताल परिसर में यह सेंटर जून 2016 में खुला था. इसके बाद आॅर्थोपेडिक्स के रूप में डॉ अनिकेत कुमार व शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ एके अनुज की पोस्टिंग की गयी थी.
शनिवार को सीएस को पता चला, फंड में हैं लाखों
आरबीएसके के तहत संचालित (डीइआइसी) सेंटर सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से करीब 31 लाख रुपये विभाग के पास पड़ा हुआ है. लेकिन अबतक सिविल सर्जन को भी इसकी जानकारी नहीं दी गयी है. शनिवार को सिविल सर्जन डॉ कृष्ण कुमार से जानकारी लेने पर उन्होंने संबंधित कर्मी को बुलाया व फंड की जानकारी ली. अबतक फंड के बारे में जानकारी नहीं दिये जाने पर सीएस कर्मी पर बरस पड़े.
होने चाहिए कई विभाग के डॉक्टर, दो ही पोस्टेड
डीइआइसी सेंटर में मरीजों का इलाज के लिए कई प्रकार विशेषज्ञ डॉक्टर व जांच का प्रावधान होना है. लेकिन, यहां मात्र दो डॉक्टर की पोस्टिंग की गयी है. सिविल सर्जन ने बताया कि सेंटर के लिए करीब पांच से छह डॉक्टर चाहिए. जिसमें डेंटल, आंख, न्यूरो सर्जन, साइकेटिक, पेराडिक्स सर्जन डॉक्टर, काउंसेलर, इएनटी समेत कई अन्य के डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी की आवश्यकता है, लेकिन मात्र दो डॉक्टर ही पोस्टेड हैं.
कहते हैं सिविल सर्जन
डीएस को जल्द से जल्द डीइआइ सेंटर चालू करने का निर्देश दिया गया है. अलग से डायरी मैंटेन करने को भी कहा गया है. साथ ही सेंटर के लिए पोस्टेड डॉक्टर से प्रतिदिन सेंटर में मरीजों का इलाज करने को कहा गया है. फंड की जानकारी मिली है, इसका उपयोग सेंटर के लिए किया जायेगा.
– डॉ कृष्ण कुमार, सिविल सर्जन देवघर
क्या है डीइआइ सेंटर
डीइआइसी में 0-18 वर्ष तक के बच्चों, किशोर व युवकों का कुपोषण व दिव्यांग समेत 38 अन्य बीमार लोगों का इलाज किया जाना है. इसके लिए आरबीएसके के तहत सभी ब्लॉक में मोबाइल हेल्थ टीम का गठन किया गया है जो खास कर इनलोगों में कुपोषण, दिव्यांग, कटे होठ, पैर-हाथ जैसे मरीजों को चिह्नित कर डीइअाइसी में इलाज के लिए भेजेंगे. मरीजों का अगर यहां से इलाज संभव नहीं होता है तो, वैसे मरीज को बाहर भेजकर इलाज कराना है.
सेंटर में चल रहा दवा भंडारण
(डीइआइसी) सेंटर का संचालन नहीं होने के कारण सेंटर के भवन में दवा भंडारण चल रहा है. इससे मरीजों को काफी परेशानी हो रही है. सेंटर नहीं खुलने के कारण फील्ड से भेजे गये मरीज वापस चले जाते है. जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है.
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