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देवघर से फिर 11 साइबर अपराधी पुलिस के हत्थे चढ़े, ऐसे बनाते हैं लोगों को कंगाल

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
देवघर से फिर 11 साइबर अपराधी पुलिस के हत्थे चढ़े, ऐसे बनाते हैं लोगों को कंगाल.
देवघर से फिर 11 साइबर अपराधी पुलिस के हत्थे चढ़े, ऐसे बनाते हैं लोगों को कंगाल.
Prabhat Khabar

देवघर : साइबर थाना की पुलिस ने जसीडीह और देवीपुर थाना क्षेत्र में सघन छापेमारी अभियान चलाकर 11 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. इस बात की जानकारी पुलिस अधीक्षक अश्विनी कुमार सिन्हा ने दी. उन्होंने बताया कि उन्हें अलग-अलग हिस्सों से सूचना मिल रही थी कि जसीडीह थाना क्षेत्र के धावाटांड़ व राजाडीह गांव तथा देवीपुर थाना क्षेत्र के ढकढका गांव में साइबर अपराधी सक्रिय हो रहे हैं.

सूचना के आधार साइबर डीएसपी मंगल सिंह जामुदा के नेतृत्व में दो टीमों ने मंगलवार की रात से बुधवार सुबह तक सघन छापामारी अभियान चलाया. पहली टीम इंस्पेक्टर संगीता कुमारी, रिखिया थाना प्रभारी, जसीडीह थाना प्रभारी सहित अन्य पदाधिकारी व दूसरे टीम में साइबर पुलिस इंस्पेक्टर छठु राम गौड़, देवीपुर थाना प्रभारी व सारवां थाना प्रभारी की टीम शामिल थी.

पहली टीम ने जसीडीह थाना क्षेत्र के धावाटांड़ व राजाडीह गांव से चार लोगों- रोहित दास व उसका भाई अजित दास दोनों पिता कामदेव दास, रंजीत दास व उसका भाई उज्ज्वल दास दोनों पिता संजय दास (चारों धावाटांड़ निवासी हैं). वहीं, राहुल दास (पिता रामबली दास) व सनोज दास (पिता भागु दास) दोनों राजाडीह गांव के निवासी को गिरफ्तार किया.

देवीपुर थाना क्षेत्र के ढकढका गांव से अनिल दास व उसके भाई किशन दास (पिता कोदो महरा), मिथुन दास व उसका भाई गौतम दास (पिता सितो दास) के अलावा संजय दास (पिता शहदेव दास) को गिरफ्तार किया. पुलिस ने गिरफ्तार किये गये इन सभी लोगों के पास से 22 मोबाइल फोन, 36 सिम कार्ड, 14 पासबुक, 11 एटीएम, 1 चेकबुक, 1 लैपटॉप, 30 हजार रुपये किये.

केवाइसी अपेडट, इलेक्ट्रॉनिक अकाउंट अपडेट के नाम पर ठगी

एसपी ने बताया कि गिरफ्तार सभी अपराधियों ने पुलिस को बताया कि ये लोग लोगों को बैंक के ग्राहक अधिकारी बनकर फोन करते हैं और उनके एटीएम व खाता के बंद होने के नाम पर उन्हें झांसे में लेते हैं. उनके रजिस्टर्ड मोबाइल पर ओटीपी भेजकर खाते से रुपये उड़ा लेते हैं.

इतना ही नहीं, केवाइसी अपडेट के नाम पर भी उपभोक्ताओं को फोन करके उसके मोबाइल पर आधार नंबर, ओटीपी आदि भेजकर उससे अपडेट के नाम पर सारी सूचना मांग लेते हैं. इतना ही नहीं ये लोग लोगों को उनके इलेक्ट्रॉनिक अकाउंट जैसे कि भीम एप्प, पेटीएम, गूगल पे आदि पर भी रिक्वेस्ट भेजकर उसके खाते से रुपये गायब कर देते हैं.

खंगाला जा रहा आपराधिक इतिहास

एसपी ने बताया कि इन लोगों के आपराधिक इतिहास को खंगाला जा रहा है. एसपी ने बताया कि अभी साइबर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए अभियान जारी रहेगा. अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक जिले में साइबर अपराध शून्य न हो जाये. उन्होंने कहा कि साइबर अपराधियों को पकड़ने वाली दोनों ही टीमों के पदाधिकारी व पुलिस कर्मियों को पुरस्कृत किया जायेगा.

Posted By : Mithilesh Jha

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