पैक्स कार्यालय परिसर बना शराबियों का अड्डा

पैक्स अध्यक्ष के निलंबित होने के बाद से कार्यालय में लटका है ताला

: पैक्स अध्यक्ष के निलंबित होने के बाद से कार्यालय में लटका है ताला : शाम होते ही कार्यालय परिसर में लग जाता है शराबियों का जमावड़ा मयूरहंड. मयूरहंड पैक्स कार्यालय परिसर इन दिनों विभागीय लापरवाही व संबंधित विभाग के अधिकारियों की उदासीनता का दंश झेल रहा है. कार्यालय की देखरेख करने वाला कोई नही हैं. वर्ष 2022 में पैक्स अध्यक्ष बीरबल साव के निलंबित होने के बाद से इस पैक्स कार्यालय में ताला लटका हुआ है. फिलहाल यह कार्यालय परिसर शराबियों का अड्डा बना हुआ है. यहां प्रतिदिन शाम ढलते ही कुछ लोग पहुंच जाते हैं और पीने के बाद शराब की बोतलें यही फेंक देते हैं. जिसके कारण आसपास के लोग परेशान हैं. बतया गया कि वर्ष 2016 में पैक्स अध्यक्ष का चुनाव विभागीय आदेशानुसार हुआ था, जिसमें मयूरहंड निवासी बीरबल साव वोटिंग के माध्यम से पैक्स अध्यक्ष बने थे. 2021 में कार्यकाल अवधि समाप्त होने के बाद 2021 में ही पुनः चुनाव संपन्न होना था, लेकिन गुप्त तरीके से बीरबल साव को पुन: अध्यक्ष बना दिया गया. इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब पूर्व पैक्स अध्यक्ष शशि प्रमोद लाल व अन्य किसानों ने गुपचुप तरीके से हुए चुनाव की जांच-पड़ताल कराने की मांग की. उसके बाद वरीय पदाधिकारियों के आदेशानुसार पैक्स अध्यक्ष बीरबल साव को इस मामले में वर्ष 2022 में निलंबित कर दिया गया, तब से कार्यालय बंद पड़ा हुआ है. जिससे मयूरहंड, उत्तरवारी परोरिया, दक्षिणवारी परोरिया, बेला व परसावां के लगभग 500 किसान पैक्स के लाभ से वंचित हैं. किसानों ने रांची निबंधक समिति को पत्र देकर भी चुनाव कराने की मांग की, लेकिन अब तक चुनाव नहीं हुआ है. क्या कहते हैं किसान : पूर्व पैक्स अध्यक्ष शशि प्रमोद लाल ने कहा कि पैक्स कार्यालय बंद रहने से पैक्स का लाभ नहीं मिल रहा है. अनिल कुमार सिंह ने कहा पैक्स कार्यालय बंद रहने के कारण सस्ते दर पर बिचौलियों के पास धान बेचना पड़ता है. ईश्वर पासवान ने कहा कि सरकारी दर पर मिलने वाले खाद्य व बीज के लाभ से वंचित हैं. शिबू राणा ने कहा पैक्स कार्यालय खुला रहता था, तो सस्ते दर पर खाद्य व बीज खरीदते थे. बरसात अब नजदीक है. बीज डालने का समय आ रहा है. क्या कहते हैं बीसीओ : बीसीओ नीरज कुमार सिन्हा ने कहा कि मयूरहंड पैक्स कार्यालय के पैक्स अध्यक्ष बीरबल साव निलंबित हैं. उक्त पैक्स से संबंधित विभाग ने अब तक कोई आदेश जारी नहीं किया है. आदेश मिलने के बाद ही काम किये जायेेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Deepesh kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >