चतरा: नवनियुक्त होमगार्ड अभ्यर्थियों से मेडिकल जांच के नाम पर अवैध वसूली के आरोप में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. मेडिकल टीम के चिकित्सक डॉ. अवशेष त्रिपाठी और होमगार्ड जवान आयुष कुमार सिंह के खिलाफ सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है. यह कार्रवाई उपायुक्त सह गृह रक्षक नवनामांकन समिति के अध्यक्ष रवि आनंद के निर्देश पर की गई. कान्हाचट्टी अंचलाधिकारी सह चतरा सदर प्रखंड के प्रभारी बीडीओ मनोज कुमार गोप ने दोनों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई.
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
प्राथमिकी में दोनों आरोपियों पर जबरन वसूली, धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र, लोक सेवक द्वारा गलत दस्तावेज तैयार करने तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच शुरू कर दी है.
प्रमाण-पत्र सत्यापन के बदले अवैध वसूली
चतरा में नवचयनित होमगार्ड अभ्यर्थियों की मेडिकल जांच और प्रमाण-पत्र सत्यापन का कार्य 25 जुलाई से 12 अगस्त 2026 तक चल रहा है. इसी दौरान कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि मेडिकल जांच में फिट घोषित करने के नाम पर उनसे दो हजार रुपये से लेकर छह हजार रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है. शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू की.
जांच में शामिल आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
प्रभारी बीडीओ मनोज कुमार गोप ने बताया कि शिकायतों की जांच और अभ्यर्थियों से पूछताछ के दौरान मेडिकल जांच टीम में शामिल एक चिकित्सक और एक होमगार्ड जवान की भूमिका प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाई गई. उपलब्ध तथ्यों और प्रारंभिक जांच के आधार पर दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है. उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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1 -1.5 लाख तक की वसूली
मेडिकल जांच में फिटनेस प्रमाणित करने के नाम पर कुछ अभ्यर्थियों से एक लाख से डेढ़ लाख रुपये तक की वसूली किए जाने की भी चर्चा है. हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. बताया जा रहा है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच कराई जाए तो अवैध वसूली के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है.
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प्रशासन का आश्वासन दोषी बख्शे नहीं जाऐंगें
अभ्यर्थियों के बीच यह भी चर्चा है कि मेडिकल जांच रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराने के नाम पर भी कुछ कर्मियों द्वारा अतिरिक्त रकम वसूली गई आरोप है. कि इस पहलू पर अब तक किसी के खिलाफ अलग से कार्रवाई नहीं हुई है. प्रशासन का कहना है कि जांच के दौरान यदि ऐसे आरोपों की पुष्टि होती है तो दोषी पाए जाने वाले किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा. जिला प्रशासन ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि यदि किसी से अवैध वसूली की गई है तो वे आगे आकर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके
