चास नगर क्षेत्र में मानसून में जलजमाव की समस्या उत्पन्न होती है. इसका एक मुख्य कारण जलस्रोतों पर अतिक्रमण भी है. अतिक्रमण और कचरे के कारण जल की निकासी बाधित हो रही है. जलस्रोतों को अतिक्रमण मुक्त कराने का निर्देश पिछले दिनों मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिया है. चास में बहने वाली सिंगारी जोरिया भी अतिक्रमण की शिकार है. 200 फीट से अधिक चौड़ी रही यह जोरिया अब संकरी नाली में बदल चुकी है. कई जगह जोरिया के किनारे और इसके प्रवाह क्षेत्र में पक्के मकान, दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बना दिये गये हैं. स्थानीय नालों का गंदा पानी और भारी मात्रा में ठोस कचरा इसमें गिराया जा जा रहा है.
कई बार चास अंचल कार्यालय द्वारा जोरिया की मापी कर अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिया गया, लेकिन ठोस और व्यापक कार्रवाई नहीं होने के कारण समस्या जस की तस है. स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा चास नगर निगम और जिला प्रशासन से सिंगारी जोरिया को अतिक्रमण मुक्त कराने समेत गहरीकरण करने और सौंदर्यीकरण की मांग लगातार की जाती रही है. लोगों ने कहा कि अतिक्रमण हटाने को लेकर अगर जिला प्रशासन सक्रिय नहीं हुआ तो सिंगारी जोरिया कहानी बन जायेगी.Bokaro News : अतिक्रमण का शिकार है सिंगारी जोरिया
Bokaro News : चास में सिंगारी जोरिया अतिक्रमण का शिकार है.
