कहावत है कि तपै नवतपा नव दिन जोय, तौ पुन बरखा पूरन होय. इसका अर्थ है कि नौतपा के दौरान धरती पूरी तरह से तपती है, तो मानसून में बारिश अच्छी होती है. इस वर्ष नौतपा 25 मई से शुरू हुआ. लेकिन, 26 मई से पुरवईया बहने लगी. 27 मई को अधिकतम तापमान गिर कर 38 डिग्री सेल्सियस पहुंचा. इसके बाद बादलों का आना-जाना शुरू हुआ और बारिश हुई. 28 को मौसम ठीक रहा, लेकिन, 29 मई को आंधी के साथ झमाझम बारिश हुई.
नौतपा में बारिश को खेती के लिहाज से अच्छा नहीं माना जाता है. माना जाता है कि नौतपा की भीषण गर्मी फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया व कीड़ों को नष्ट कर देती है. यदि इस दौरान बारिश हो जाती है, तो वातावरण में उमस बढ़ जाती है. इससे फसलों में फफूंद व रोगों का खतरा बढ़ जाता है.Bokaro News : नौतपा में बारिश खेती के नहीं है अच्छा
Bokaro News : नौतपा में बारिश को खेती के लिहाज से अच्छा नहीं माना जाता है.
