धनबाद और बोकारो
पुलिस प्रिंस खान गिरोह के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चलाकर उसके सहयोगियों को गिरफ्तार करने में जुटी है. इसी क्रम में बालीडीह थाना क्षेत्र के बियाडा स्थित बीएमडब्ल्यू कंपनी से रंगदारी मांगने और धमकी देने के मामले में बोकारो
पुलिस ने सोमवार की रात फरार गैंगस्टर प्रिंस खान केएक सहयोगी
राकेश कुमारको गिरफ्तार किया. वह सेक्टर टू-सी में रहता है और मूल रूप से बिहार के सिवान जिले का रहनेवाला है. उसके पिता बीएसएल में कार्यरत थे. लंबी पूछताछ के बाद राकेश को पुलिस ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. इसी मामले में दो अप्रैल को प्रिंस कुमार
गुप्ता, श्याम कुमारसिंह, अजय सिंह, ओम प्रकाश पॉल, जयनेंद्र शुक्ला, गोलू कुमार
और भूपेंद्र सिंह को जेल भेजा गया था. पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है. मुख्यालय डीएसपी पवन कुमारऔर इंस्पेक्टर नवीन कुमार
सिंह ने बालीडीह थाना में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि 12 मार्च 2026 को बीएमडब्ल्यू प्लांट के प्रबंधक सुरेश कुमारसिंह ने बालीडीह औद्योगिक ओपी में शिकायत दर्ज करायी थी. इसमें फैक्ट्री संचालन के एवज में प्रिंस खान द्वारा रंगदारी की मांग करने के साथ धमकी देने का आरोप लगाया गया था.
डुमरी से दबोचा गया आरोपी राकेश कुमारतत्कालीन एसपी हरविंदर सिंह के निर्देश पर तत्कालीन डीएसपी (मुख्यालय) अनिमेष गुप्ता के नेतृत्व में एसआइटी का गठन किया गया था. जांच के दौरान तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने राकेश कुमार
की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछा रखा था. पुलिस को पता चला कि सोमवार की देर रातडुमरी के रास्ते राकेश बोकारो
आने वाला है. देर रात ही बालीडीह इंस्पेक्टर नवीन कुमारसिंह, ओपी प्रभारी आनंद आजाद, पुअनि जितेंद्र कुमार
यादव, पुअनि कुलदीप कुमार, हवलदार संजय बैठा और आरक्षी संजय यादवडुमरी में उसका इंतजार करने लगे.
डुमरी पहुंचते ही उसको गिरफ्तार कर लिया गया.इंटरनेशनल कॉल के लिए प्रिंस के सहयोगियों ने उपलब्ध कराया था सिम कार्ड
गिरफ्तार राकेश ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वह प्रिंस खान के अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप नंबर के माध्यम से सीधे संपर्क में था. उसके निर्देश पर ही उसने धमकी भरा पर्चा लिखकर कंपनी के लिए छोड़ा था. बाद में इस पर्चे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर बीएमडब्ल्यू कंपनी को दोबारा धमकाया गया था. पुलिस का दावा है कि इस काम के बदले राकेश के दो बैंक खातों में कुल डेढ़ लाख रुपये भेजे गये थे. लेन-देन के संबंध में आगे की जांच जारी है. राकेश ने खुद को बोकारो
में प्रिंस खान के गैंग का
प्रमुख सहयोगीबताया. गैंग के प्रभाव और नेटवर्क को बढ़ाने के लिए काम करने की बात भी स्वीकार की है. उसने बताया कि
इंटरनेशनल कॉल के लिए सिम कार्ड भी प्रिंस खान के अन्य सहयोगियों ने उपलब्ध कराया था. पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में इस्तेमाल किया गयाएक मोबाइल फोन बरामद किया है. राकेश कुमार
के खिलाफ पूर्व में गिरिडीह जिले के निमियाघाट थाना में चोरी का मामला दर्ज है.एक-एक कर दबोचे जा रहे प्रिंस के सहयोगी
धनबाद और बोकारो
