पिंड्राजोरा पशु चिकित्सालय बंद करने के फैसले पर ग्रामीणों में आक्रोश, अस्पताल के बाहर किया प्रदर्शन

पिंड्राजोरा में सरकारी आदेश के बाद प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय को बंद किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों और पशुपालकों में भारी आक्रोश है. अस्पताल से सामान ले जाने का ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया और इसे तत्काल चालू रखने की मांग की.

पिंड्राजोरा. प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय पिंड्राजोरा में पशु चिकित्सा पदाधिकारी का पद समाप्त कर अस्पताल को बंद करने के फैसले के बाद ग्रामीणों और पशुपालकों में आक्रोश है. बुधवार को ग्रामीणों, पशुपालकों और जनप्रतिनिधियों ने अस्पताल के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान अस्पताल से सामान ले जाने का भी विरोध किया गया.

ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार के आदेश के बाद पिंड्राजोरा स्थित प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय को बंद किया जा रहा है. विभागीय संकल्प संख्या-739, दिनांक 19 जून 2026 के तहत दो अस्पतालों से स्वीकृत पद प्रत्याहृत कर लिये गये हैं. इसके बाद चास प्रखंड में अब केवल पशु चिकित्सालय, चास में ही पशु चिकित्सा सुविधा उपलब्ध रहने की बात कही गयी है.

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सामान ले जाने के दौरान हुआ विरोध

जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार अस्पताल से सामान ले जाया जा रहा था. इसी दौरान इलाज के लिए पहुंचे पशुपालकों और जनप्रतिनिधियों ने सामान ले जाने का विरोध शुरू कर दिया. ग्रामीणों ने पशुओं का इलाज जारी रखने और अस्पताल को बंद नहीं करने की मांग की.

जनप्रतिनिधियों और पशुपालकों का कहना है कि पिंड्राजोरा क्षेत्र में पशु चिकित्सा सेवा की काफी जरूरत है. यहां प्रतिदिन 20 से अधिक पशुओं का इलाज होता था. अस्पताल बंद होने से पशुपालकों को इलाज के लिए 15 से 20 किलोमीटर दूर चास जाना पड़ेगा.

पशुपालकों ने जतायी परेशानी

ग्रामीणों ने कहा कि पशुओं के बीमार होने या आपात स्थिति में उन्हें इतनी दूर ले जाना मुश्किल होगा. समय पर इलाज नहीं मिलने से पशुओं की स्थिति गंभीर होने की आशंका है. खासकर छोटे और सीमांत पशुपालकों के लिए चास तक जाना अतिरिक्त परेशानी और खर्च का कारण बनेगा.

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द पिंड्राजोरा पशु चिकित्सालय को दोबारा चालू नहीं किया गया तो प्रखंड और जिला मुख्यालय पर आंदोलन किया जायेगा.

14 अगस्त को मंत्री और उपायुक्त को सौंपा था पत्र

जनप्रतिनिधियों और पशुपालकों ने बताया कि अस्पताल को दोबारा चालू कराने की मांग को लेकर 14 अगस्त को कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री तथा बोकारो उपायुक्त को पत्र सौंपा गया था. इसके बावजूद अस्पताल बंद करने की कार्रवाई शुरू होने से ग्रामीणों में नाराजगी है.

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विरोध प्रदर्शन में मुखिया कृष्णपद महतो, उप मुखिया राज कुमार गोप, किसान मोर्चा अध्यक्ष संतोष कुमार, पंचायत समिति सदस्य किशोर कुमार, बाटुल प्रमाणिक, मुचिराम महतो, आनंद गोप, सुरेंद्र नाथ गोप, भैरव गोप, जादू महतो, समली देवी, नमिता देवी, कालो देवी, समिना खातून, रजिया बीबी, फातिमा अंसारी, श्वेता देवी, ज्योत्सना देवी समेत अन्य ग्रामीण और पशुपालक मौजूद थे.

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By Brahm deo dubey

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