Bokaro News : प्रतिनिधि, बोकारो थर्मल. बोकारो थर्मल में कोनार नदी के अस्तित्व और पर्यावरण से खिलवाड़ का मामला एक बार फिर गरमा गया है. गुरुवार को तीन नंबर पाइपलाइन फटने के कारण नदी में भारी मात्रा में छाई (ऐश स्लरी) प्रवाहित होने की सूचना पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, धनबाद क्षेत्रीय कार्यालय के निरीक्षक स्वागता महतो शुक्रवार को जांच के लिए बोकारो थर्मल पहुंचे. उन्होंने डीवीसी के पाइपलाइन क्षेत्र और कोनार नदी में छाई बहाव वाले स्थान का निरीक्षण किया. जांच के दौरान निरीक्षक ने पाया कि शुक्रवार को भी नदी में काफी मात्रा में ऐश स्लरी का बहाव लगातार हो रहा है. नदी की इस दुर्दशा को देखकर बोर्ड के निरीक्षक ने नाराजगी जतायी और तत्काल डीवीसी के विभागीय अधिकारियों को मौके पर तलब किया.
डीवीसी अधिकारियों के तर्कों से नहीं हुए संतुष्ट :
सूचना मिलते ही डीवीसी के जीएम नरेश मुरस्कर और वरीय प्रबंधक (मैकेनिकल) सचिन बोदलकर सहित तीन अधिकारी स्थल पर पहुंचे. इसके बाद बोर्ड के निरीक्षक ने सभी अधिकारियों की मौजूदगी में एसटीपी के समीप से होकर नदी में गिरने वाली ऐश स्लरी को देखा और बाद में बाजारटांड़ जाकर उस स्थान का भी मुआयना किया, जहां पाइप फटी थी. पूछताछ में जीएम नरेश मुरस्कर और सचिन बोदलकर ने निरीक्षक को बताया कि गुरुवार की सुबह लगभग सात बजे पाइप अचानक फट गयी थी. हालांकि शाम करीब चार बजे तक मरम्मत कर ली गयी थी. डीवीसी अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान में केवल एक ही पाइपलाइन चालू अवस्था में है. स्थानीय लोगों ने बाकी के क्षतिग्रस्त पाइपों की मरम्मत कार्य नहीं करने दिये, जिससे आये दिन इस तरह की तकनीकी खराबी आ जाती है. उन्होंने बोर्ड को आश्वस्त करने का प्रयास किया कि डीवीसी द्वारा सभी पुराने पाइपों को बदलने के लिए निविदा की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. हालांकि डीवीसी अधिकारियों से प्रदूषण बोर्ड के निरीक्षक संतुष्ट नहीं हुए. उन्होंने डीवीसी प्रबंधन की इस कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि डीवीसी बोकारो थर्मल का पावर प्लांट पूरे क्षेत्र में एकमात्र ऐसा संयंत्र बन चुका है, जहां इस तरह की बड़ी घटनाएं या दुर्घटनाएं होने के बावजूद प्रबंधन द्वारा स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को किसी भी प्रकार की आधिकारिक सूचना नहीं दी जाती है. उन्होंने इस पूरी लापरवाही को आपराधिक घटना करार दिया.
नदी में ऐश स्लरी का बहाव नियमों का खुला उल्लंघन :
बाद में मीडिया से बातचीत करते हुए बोर्ड निरीक्षक स्वागता महतो ने स्पष्ट किया कि जांच में आज भी नदी के भीतर ऐश स्लरी का बहाव पाया गया है, जो नियमों का खुला उल्लंघन है. उन्होंने बताया कि पूर्व में भी इस तरह की घटना की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय रांची भेज कर कार्रवाई की अनुशंसा की गयी थी और आज की इस ताजा जांच की रिपोर्ट भी तुरंत रांची मुख्यालय को भेजी जायेगी, ताकि प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.
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