Bokaro (चंद्रपुरा): चंद्रपुरा थर्मल पावर प्लांट में एएमसी/एआरसी के तहत कार्यरत दो मजदूरों के मौत पर सोमवार को प्लांट के ठेका मजदूरों ने डीवीसी सीटीपीएस का गेट जाम कर दिया. यह जाम देर शाम तक रहा. इधर आंदोलन के कारण कोई भी कर्मी और अधिकारी पावर प्लांट के अंदर अपनी ड्यृटी पर नहीं जा सके. आंदोलनकारी मजदूर रविवार को मृत ठेका मजदूर सीताराम महतो और ईश्वर दास के आश्रित को उनकी जगह पर नियोजन देने की मांग कर रहे थे. सुबह छह बजे से ही सीटीपीएस के प्लांट गेट पर सभी ठेका मजूदर जमा हो गए और अंदर जाने वालों को रोक दिया.
आंदोलन में ये लोग थे शामिल
ठेका मजदूरों ने एकता का परिचय दिया, जिससे आंदोलन मे सुबह सात बजे तक मजदूरों की काफी भीड़ जमा हो गई. सभी मजदूर गेट का पास सड़क पर बैठ गये और डीवीसी के खिलाफ नारेबाजी की. गेट जाम आंदोलन को यूनाइटेड कोल वर्कर्स यूनियन, झारखंड औद्योगिक ठेका मजदूर यूनियन, झारखंड श्रमिक संघ सहित डुमरी के विधायक जयराम कुमार महतो, झामुमो के युवा नेता अखिलेश उर्फ राजू महतो, बिगन महतो, गौरीशंकर महतो, लखी हेम्ब्रम, अजय महतो, प्रदीप महतो, राजेंद्र ठाकुर, मो सरफराज, मनोज कुमार, रथुलाल महतो, चंदन भंडारी सहित अन्य मजदूर नेताओं व यूनियनों का साथ मिला.
प्रशासन की पहल पर देर शाम सुलझा मामला
जाम स्थल पर सीटीपीएस के डीजीएम (प्रशासन) नीरज सिन्हा, राजकुमार चौधरी, बीडीओ ईश्वर दयाल महतो, थाना प्रभारी विक्रम कुमार ने मजदूर नेताओं को मनाने का प्रयास किया, लेकिन दिन भर सफलता नहीं मिली. प्रबंधन इसके समाधान के लिए कुछ समय लेना चाह रहा था, लेकिन मजदूर प्रतिनिधि इसके लिए तैयार नहीं थे. देर शाम पुलिस प्रशासन के पहल पर फिर से बातचीत हुई. जिसमें सीताराम महतो के आश्रित को नियोजन देने पर प्रबंधन ने सहमती जतायी. इसे लेकर कुछ प्रक्रिया पूरी करने की बाते कहीं गई.
दूसरे मृतक के मामले में प्रबंधन ने मांगा समय
दूसरे मजदूर के मामले को लेकर भी कुछ प्रक्रिया संबंधित ठेकेदार द्वारा पूरा किया जाना होगा. इधर हुए आंदोलन से सीटीपीएस के बिजली उत्पादन सहित कई विभागों का कामकाज प्रभावित हुआ. दिन-भर मजदूर के अभाव में कोयला लेकर आए एक रैक को अनलोड नहीं कराया जा सका. बता दें कि सीटीपीएस के सीएचपी विभाग में काम करने वाले सीताराम महतो 3 जून को प्लांट से अपने घर मुंगो बस्ती जाने के क्रम में सिंगारी मोड़ के समीप दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे. उनकी बाइक को किसी अज्ञात चार पहिया ने टक्कर मार दी थी. इलाज के क्रम में रांची स्थित हॉस्पिटल में रविवार को मौत हो गई थी.
दोनों ही थे ठेका मजदूर
वहीं ईश्वर दास बैगन ट्रिपलर में काम करते थे और एक साल से बीमार चल रहे थे. रविवार को उनका भी निधन चंद्रपुरा आवास में हो गया. मजदूरों की मांग थी कि दोनों ठेका मजदूर थे, इसलिये प्रबंधन परिवार के एक अश्रित को उनकी जगह काम पर रखे और मुआवजा सहित सभी सुविधाएं दे. फिलहाल दोनों का शव डीवीसी अस्पताल की मर्चरी में रखा गया है. हालांकि सुबह एंबुलेंस से मृतक की बॉडी आंदोलन स्थल पर लायी गयी थी जिसे बाद में हॉस्पिटल के मर्चरी में रखवा दिया गया.
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