पोषाहार से हैं वंचित है झारखंडी महिलाएं, लगभग 50 प्रतिशत का वजन 40 किलो से भी कम

-रजनीश आनंद- झारखंड प्रदेश की कुल आबादी लगभग 32.96 मिलियन है. जिसमें से महिलाओं की आबादी 16.03 मिलियन है. प्रदेश की लगभग आधी आबादी महिलाओं की है लेकिन उनके स्वास्थ्य पर अगर हम ध्यान दें तो चौंकाने वाले आंकड़े हमारे सामने उपस्थित होंगे. झारखंड आर्थिक सर्वेक्षण 2015-16 के अनुसार मां बनने वाली 90 प्रतिशत महिलाएं […]
-रजनीश आनंद-
झारखंड प्रदेश की कुल आबादी लगभग 32.96 मिलियन है. जिसमें से महिलाओं की आबादी 16.03 मिलियन है. प्रदेश की लगभग आधी आबादी महिलाओं की है लेकिन उनके स्वास्थ्य पर अगर हम ध्यान दें तो चौंकाने वाले आंकड़े हमारे सामने उपस्थित होंगे. झारखंड आर्थिक सर्वेक्षण 2015-16 के अनुसार मां बनने वाली 90 प्रतिशत महिलाएं स्वास्थ्य और पोषाहार संबंधी जानकारियों से अनिभज्ञ हैं. जिसके कारण यहां प्रसव के दौरान महिलाओं की मौत देश में सबसे ज्यादा होती है. आंकड़ों की अगर मानें तो मात्र 8.6 प्रतिशत महिलाएं यह जानती हैं कि गर्भावस्था के दौरान पोषाहार किस तरह का हो. स्तनपान कैसे कराये जाये और बच्चों को किस तरह पोषित किया जाये. पूरे देश में सबसे ज्यादा एनीमिया के मरीज झारखंड में हैं और इसका सबसे बड़ा कारण पोषाहार की कमी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार एनीमिया के कारण लोगों के कार्य करने की शक्ति प्रभावित होती है और एनीमिया के कारण गर्भवती माताओं की जान तक चली जाती है.
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