Supaul News: उसुपौल जिले के त्रिवेणीगंज उपडाकघर की कार्यप्रणाली इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि डाक बाबू की अनुपस्थिति में जमा-निकासी काउंटर पर कंप्यूटर सिस्टम का संचालन कथित रूप से एक अनधिकृत व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है. इसे लेकर डाक विभाग की कार्यप्रणाली और ग्राहकों के डेटा की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं.
बाहरी व्यक्ति से सरकारी कार्य कराने का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि उपडाकघर में सरकारी कार्य केवल अधिकृत कर्मचारियों द्वारा ही किया जाना चाहिए. आरोप है कि कंप्यूटर आधारित जमा-निकासी जैसे महत्वपूर्ण कार्य में एक बाहरी व्यक्ति की भूमिका देखी जा रही है. यदि ऐसा हो रहा है तो यह विभागीय नियमों के विपरीत है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिये.
सेवानिवृत्त कर्मचारियों की मौजूदगी पर भी सवाल
लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि उपडाकघर में कुछ सेवानिवृत्त कर्मचारी नियमित रूप से मौजूद रहते हैं. उनकी विभागीय सेवा समाप्त हो चुकी है, इसके बावजूद उनकी उपस्थिति और कथित हस्तक्षेप को लेकर स्थानीय लोगों में तरह-तरह की आशंकाएं हैं. लोगों का कहना है कि इससे कार्यालय की पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है.
अभिलेखों और डेटा सुरक्षा को लेकर चिंता
डाकघर जैसे संवेदनशील सरकारी कार्यालय में ग्राहकों की वित्तीय जानकारी और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख सुरक्षित रहते हैं. ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी अनधिकृत व्यक्ति को कंप्यूटर सिस्टम तक पहुंच दी जा रही है तो यह गंभीर मामला है. उन्होंने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है.
डाक अधीक्षक ने जांच का दिया आश्वासन
Supaul News: इस संबंध में डाक अधीक्षक (एसपीओ) मनोज कुमार से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी. जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो विभागीय नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.
