Siwan News: सावन माह की शुरुआत 30 जुलाई, गुरुवार से हो रही है. सावन को लेकर जिले के बाजारों में रौनक बढ़ गयी है और बाजार में चहल-पहल भी लगातार बढ़ रही है. श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ को जल अर्पित करने की तैयारी में जुटे हैं, तो दूसरी ओर कारोबारी भी सावन में अच्छे कारोबार की उम्मीद लगाए बैठे हैं.
इस वर्ष सावन के महीने में जिले में आठ करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होने का अनुमान कारोबारियों ने लगाया है. हालांकि, कारोबारियों का कहना है कि यदि मॉनसून चरम पर नहीं रहता तो बाजार में और तेजी आने की उम्मीद है. सावन को लेकर गेरुआ कपड़े, फल, मिठाई, पूजन सामग्री, फूल-माला और कांवर समेत अन्य सामानों की मांग बढ़ गयी है. वाहन कारोबारियों में भी उत्साह है.
जिले से प्रतिदिन दो से ढाई हजार से अधिक कांवरिये देवघर के लिए रवाना होते हैं. वहीं, अनुमान के मुताबिक प्रतिदिन करीब 100 लोग बनारस स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए जाते हैं. इसके अलावा गरीबनाथ, अजगैबीनाथ समेत अन्य शिव मंदिरों में भी श्रद्धालु जलार्पण के लिए पहुंचते हैं.
महेंद्रनाथ मंदिर में सोमवारी के दिन श्रद्धालुओं की संख्या 50 हजार से अधिक पहुंचने का अनुमान है. इसे लेकर बाजार के कारोबारियों को भी अच्छी बिक्री की उम्मीद है.
गेरुआ वस्त्रों की बढ़ी मांग
सावन को लेकर कपड़ा कारोबारियों को इस बार काफी उम्मीद है. कांवरिये देवघर जाने के दौरान गेरुआ वस्त्र पहनते हैं. इसके लिए गमछा, बनियान, जांघिया, हाफ पैंट और टी-शर्ट समेत अन्य कपड़ों की खरीदारी की जाती है.
कपड़ा कारोबारी अविनाश बर्नवाल ने बताया कि बाजार का मौजूदा मिजाज देखकर उम्मीद है कि इस बार पूरे सावन में श्रद्धालुओं की आवाजाही से कारोबार को अच्छी गति मिलेगी. उन्होंने बताया कि एक कांवरिये को कपड़ों की खरीदारी पर औसतन 1,500 से 1,700 रुपये तक खर्च करना पड़ सकता है.
कांवर की कीमत 400 से 500 रुपये तक
कांवर की कीमत सामान्य तौर पर 400 से 500 रुपये तक है. इसके अलावा प्लास्टिक का सांप, लोटा, हाफ पैंट, गमछा, शिवलिंग आदि सामान खरीदने पर 100 से 150 रुपये तक अतिरिक्त खर्च आता है. दुकानदारों के अनुसार, यदि प्रत्येक श्रद्धालु औसतन 400 से 500 रुपये की खरीदारी करता है तो सावन के दौरान करोड़ों रुपये का कारोबार होने की संभावना है.
दुकानदारों का कहना है कि गेरुआ वस्त्र और सावन से जुड़े कई सामान की बिक्री मुख्य रूप से इसी महीने होती है. सावन समाप्त होने के बाद इनकी मांग काफी कम हो जाती है. इसलिए दुकानदार भी जरूरत के अनुसार ही सामान मंगाते हैं.
मंदिरों का रंग-रोगन पूरा, बैरिकेडिंग अंतिम चरण में
इधर, जिले के विभिन्न शिव मंदिरों में सावन की पहली सोमवारी को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है. इसे लेकर मंदिर प्रबंधन की ओर से तैयारियां अंतिम चरण में हैं. मंदिरों के रंग-रोगन का काम पूरा हो चुका है.
बाबा महेंद्रनाथ और सोहागरा मंदिर में सोमवारी के दिन करीब 50 हजार श्रद्धालुओं के जलार्पण करने का अनुमान है. श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बांस-बल्ले से बैरिकेडिंग का काम भी अंतिम चरण में है.
कांवरिया सामग्री पर कितना खर्च
| सामग्री | अनुमानित कीमत |
| दो हाफ पैंट | ₹400–500 |
| जांघिया | ₹120 |
| दो गंजी | ₹120–250 |
| गमछा | ₹100–200 |
| टी-शर्ट | ₹300–600 |
| प्लास्टिक सामग्री | ₹80 |
| कांवर | ₹500–700 |
| थैला | ₹200 |
