Mahavir jhanda mela: आगामी महावीरी झंडा मेला एवं पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. बुधवार को अंबेदकर भवन के संवाद कक्ष में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा एवं पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने संयुक्त रूप से संबोधित किया. इस दौरान अधिकारियों को विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी मुस्तैदी से कार्य करने का निर्देश दिया गया.
पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने कहा कि पर्व के दौरान शांति व्यवस्था में खलल डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों को चिह्नित कर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. आयोजनकर्ताओं को जुलूस के लिए निर्धारित सभी शर्तों का हर हाल में पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है.
डीजे, आर्केस्ट्रा और घातक हथियारों पर पूर्ण रोक
एसपी ने स्पष्ट किया कि जुलूस में सामान्य लाउडस्पीकर के अलावा डीजे और आर्केस्ट्रा पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. इसके अलावा भाला, तलवार, बरछी, कुल्हाड़ी, फरसा, कटार, हॉकी स्टिक, प्लास्टिक पाइप सहित घातक अस्त्र-शस्त्र के इस्तेमाल पर भी पूरी तरह रोक रहेगी. किसी भी स्थान पर आतिशबाजी की अनुमति नहीं होगी.
लाइसेंसधारियों को जुलूस के दौरान अपना लाइसेंस साथ रखने और प्रशासन या पुलिस द्वारा मांगने पर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है. जुलूस में लाइसेंस में अंकित तिथि, समय और निर्धारित रूट का सख्ती से पालन करना होगा. जुलूस को निर्धारित स्थानों के अलावा अनावश्यक रूप से कहीं रोकने की अनुमति नहीं होगी. सड़क पर आम लोगों के आवागमन में बाधा न हो, इसका भी ध्यान रखना होगा.
जुलूस में शामिल सभी सदस्यों को पहचान पत्र या आधार कार्ड साथ रखने तथा अपना चेहरा नहीं ढकने का निर्देश दिया गया है. लाइसेंसधारी अपने साथ पहचानयुक्त स्वयंसेवक भी रखेंगे, जो जुलूस को नियंत्रित करने और प्रशासन को सहयोग करने का काम करेंगे. जुलूस की वीडियोग्राफी समिति की ओर से करायी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर इसकी रिकॉर्डिंग प्रशासन को उपलब्ध करानी होगी.
ड्रोन और सीसीटीवी से होगी निगरानी
जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा ने कहा कि जन्माष्टमी एवं महावीरी झंडा मेला पर्व आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने के लिए पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गयी है. सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों एवं पुलिस बल को अपने निर्धारित स्थल पर दो घंटे पहले पहुंचने का निर्देश दिया गया है.
महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थानों पर पदाधिकारियों की उपस्थिति की जांच जिला नियंत्रण कक्ष से की जाएगी. पर्व के दौरान बिजली, पेयजल, साफ-सफाई, अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था, अग्निशमन दस्ता और नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है. असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए ड्रॉप गेट और नाका पर रोको-टोको अभियान चलाने के निर्देश भी दिये गये हैं.
जिले भर में जुलूस की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरा, सीसीटीवी और वीडियोग्राफी का इस्तेमाल किया जाएगा. अनुमंडल पदाधिकारी, सीवान सदर और महाराजगंज को अपने-अपने क्षेत्र में विधि-व्यवस्था के लिए जवाबदेह बनाया गया है.
नशे में मिले तो आयोजक पर भी कार्रवाई
प्रशासन ने बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी को लेकर भी सख्त चेतावनी दी है. शराब, ताड़ी, गांजा अथवा किसी अन्य नशीले पदार्थ का सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. नशे की हालत में कोई व्यक्ति पकड़ा जाता है, तो संबंधित व्यक्ति के साथ आयोजनकर्ता पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
जिलाधिकारी ने बेहतर सजावट और समाज को सकारात्मक संदेश देने वाली शांतिपूर्ण जुलूस या झांकी को चिह्नित कर जिला प्रशासन की ओर से सम्मानित करने की बात कही. साथ ही जुलूस के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने और सभी धर्मों के प्रति समान भाव रखने पर विशेष जोर दिया गया.
जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय स्थित जिला आपातकालीन संचालन केंद्र लगातार कार्यरत रहेगा. किसी भी आपात स्थिति में 06154-242000 पर संपर्क किया जा सकता है.
