धान रोपनी के बीच किसानों के लिए राहत, सीवान में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है खाद

सीवान जिले के किसानों के लिए खरीफ मौसम में उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर अच्छी खबर है. जिला कृषि पदाधिकारी कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, सभी प्रमुख रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. विभाग ने किसानों से संतुलित उपयोग की अपील की है.

सीवान: खरीफ मौसम में धान सहित अन्य फसलों की खेती के बीच जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर है. जिला कृषि पदाधिकारी कार्यालय द्वारा 20 जुलाई को जारी उर्वरक उपलब्धता एवं वितरण रिपोर्ट के अनुसार, सीवान जिले में सभी प्रमुख रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है. कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे घबराकर अधिक मात्रा में उर्वरक की खरीदारी न करें, बल्कि आवश्यकता के अनुसार ही खाद खरीदें.

यूरिया का सबसे अधिक स्टॉक उपलब्ध

रिपोर्ट के अनुसार खरीफ 2026 सीजन में जिले में यूरिया की आवश्यकता 26,500 टन निर्धारित की गई है. एक अप्रैल से अब तक 8,935.830 टन यूरिया प्राप्त हुआ है. पहले से उपलब्ध स्टॉक को मिलाकर कुल उपलब्धता 16,219.104 टन रही. अब तक 1,943.910 मीट्रिक टन यूरिया की बिक्री हो चुकी है, जबकि 14,275.194 मीट्रिक टन यूरिया अभी भी उपलब्ध है. इससे स्पष्ट है कि किसानों को फिलहाल यूरिया की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा.

डीएपी, एनपीके, पोटाश और एसएसपी का भी पर्याप्त भंडार

डीएपी की आवश्यकता 4,000 टन के विरुद्ध कुल 3,458.450 टन उपलब्ध है. इसमें से 597.850 टन की बिक्री हो चुकी है, जबकि 2,860.600 टन स्टॉक शेष है.

एनपीके उर्वरक की कुल उपलब्धता 3,807.725 टन है. इसमें से केवल 19.350 टन की बिक्री हुई है और 3,788.375 टन अभी उपलब्ध है.

पोटाश की कुल उपलब्धता 422.500 टन है. इसमें 308.650 टन की बिक्री के बाद 401.650 टन स्टॉक शेष है.

एसएसपी उर्वरक की कुल उपलब्धता 826.150 टन है. इसमें 53.400 टन की बिक्री हो चुकी है और 772.750 टन उपलब्ध है.

किसानों से संतुलित उपयोग की अपील

जिला कृषि पदाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि जिले में उर्वरकों की आपूर्ति लगातार की जा रही है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं है. सभी अधिकृत उर्वरक विक्रेताओं के यहां पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई गई है. उन्होंने किसानों से मिट्टी जांच की अनुशंसा के अनुसार संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करने की अपील की, ताकि फसल उत्पादन बेहतर हो सके और अनावश्यक खर्च से बचा जा सके.

कालाबाजारी पर होगी सख्त कार्रवाई

डीएओ ने कहा कि यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलता है या उर्वरकों की कालाबाजारी करता है, तो किसान इसकी शिकायत तुरंत कृषि विभाग को करें. शिकायत मिलने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

बारिश के बाद बढ़ेगी खाद की मांग

कृषि विभाग का मानना है कि हाल के दिनों में अच्छी बारिश होने से जिले में धान की रोपनी में तेजी आई है. ऐसे में आने वाले दिनों में उर्वरकों की मांग बढ़ने की संभावना है. इसे देखते हुए विभाग ने पहले से ही पर्याप्त भंडारण और आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित कर रखी है, ताकि किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध हो सके.

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Author: Manish giri

Published by: Vivek Ranjan

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