कचरे और गंदे नालों से प्रदूषित हो रही सरयू नदी, प्रशासन ने शुरू की जागरूकता की तैयारी

Siwan News : गुठनी और दरौली प्रखंडों से बहने वाली सरयू नदी प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रही है. नदी किनारे बसे गांवों से फेंका जा रहा कचरा और नालों का गंदा पानी नदी को दूषित कर रहा है. प्रशासन अब जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी में है.

Siwan News : गुठनी और दरौली प्रखंड से होकर बहने वाली सरयू नदी इन दिनों बढ़ते प्रदूषण और कचरे की समस्या से जूझ रही है. नदी के किनारे बसे करीब 16 गांवों में बड़ी मात्रा में कचरा फेंके जाने, नालों का गंदा पानी सीधे नदी में गिरने और अन्य मानवीय गतिविधियों के कारण नदी का अस्तित्व खतरे में पड़ता जा रहा है. स्थानीय लोगों ने इस समस्या पर चिंता जताते हुए ठोस कार्रवाई की मांग की है.

नदी किनारे कचरे का अंबार, बढ़ रहा प्रदूषण

ग्रामीणों के अनुसार सरयू और गंडक नदी के किनारे बसे गांवों से बड़ी मात्रा में घरेलू कचरा नदी तट पर फेंका जा रहा है. इसके अलावा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के नालों का गंदा पानी भी सीधे नदी में गिर रहा है. इससे नदी का पानी लगातार प्रदूषित हो रहा है और आसपास के क्षेत्रों में गंदगी फैल रही है.

आस्था का केंद्र है सरयू नदी का ग्यासपुर घाट

शहर के पश्चिमी छोर से बहने वाली सरयू नदी का ग्यासपुर घाट वर्षों से लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है. यहां गणेश पूजा, दुर्गा पूजा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है. छठ महापर्व के दौरान भी हजारों श्रद्धालु इस घाट पर भगवान सूर्य को अर्घ्य देने पहुंचते हैं. इसके बावजूद घाट और नदी की स्वच्छता पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है.

दर्जनों गांवों से फैल रहा प्रदूषण

सरयू नदी के तट पर गुठनी प्रखंड के सोनहुला, धर्मपुर, गुठनी पश्चिमी, योगियाडीह, तीर बलुआ, ग्यासपुर, खड़ौली और मैरीटार तथा दरौली प्रखंड के नरौली, केवटलिया, डुमरहर, अमरपुर और दरौली समेत कई गांव स्थित हैं. इन क्षेत्रों में घरों का कचरा, गंदा पानी, नालों का बहाव, शौचालयों का अपशिष्ट और कपड़े-बर्तन धोने का पानी सीधे नदी में पहुंच रहा है. कई जगह मृत पशुओं को भी नदी किनारे फेंक दिया जाता है, जिससे प्रदूषण और बढ़ रहा है.

शवदाह के अवशेष भी बन रहे परेशानी की वजह

गुठनी प्रखंड के मिश्रघाट, ग्यासपुर, मैरीटार तथा दरौली प्रखंड के दरौली, डुमरहर, अमरपुर, केवटलिया और नरौली घाटों पर अंतिम संस्कार किए जाते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई मामलों में शवदाह के बाद अधजले अवशेष नदी किनारे ही छोड़ दिए जाते हैं. इससे दुर्गंध फैलती है और आसपास रहने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है. इसका असर पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है.

कचरा प्रबंधन नहीं होने से बढ़ रही समस्या

ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में घरेलू कचरा, पूजा सामग्री और अन्य अपशिष्ट नदी किनारे लाकर फेंके जा रहे हैं. इससे नदी तट पर कचरे का अंबार लग गया है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से प्रभावी पहल नहीं की गई. उनका कहना है कि यदि समय रहते कचरा प्रबंधन की व्यवस्था नहीं की गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है.

जागरूकता अभियान चलाएगा प्रशासन

दरौली प्रखंड की बीडीओ शिखा दीप्ति ने कहा कि सरयू नदी क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक आस्था का केंद्र है. नदी को स्वच्छ बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है. उन्होंने बताया कि पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित विभागों को नियमित सफाई अभियान चलाने तथा कचरा प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही स्थानीय ग्रामीणों को स्वच्छता, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा. उन्होंने लोगों से अपील की कि सरयू नदी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए इस ऐतिहासिक नदी का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके.

Also Read : पानापुर में बड़ी चोरी, संयुक्त परिवार के छह कमरों का ताला तोड़ लगभग 20 लाख के गहने और सामान ले उड़े चोर



प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Chandra Prakash

Published by: Yuvraj Ratan

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >