Rohtas News : सोन नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए अनुमंडल प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है. प्रशासन ने लोगों से नदी और नहरों के आसपास जाने से बचने की अपील की है. खासकर बच्चों पर विशेष नजर रखने और सोन टीला की ओर नहीं जाने की चेतावनी दी गई है.
नदियों और नहरों में नहाने पर लगाई रोक
प्रशासन ने कहा है कि लगातार बारिश के कारण नदियों और नहरों का जलस्तर बढ़ा हुआ है. ऐसे में लोग नदियों और नहरों में नहाने, तैराकी या अन्य किसी प्रयोजन से नहीं उतरें. जलस्तर बढ़ने से जान-माल के नुकसान की आशंका बनी हुई है.
बराज पर 2,54,365 क्यूसेक पानी उपलब्ध
सिंचाई विभाग के अनुसार गुरुवार दोपहर एक बजे इंद्रपुरी बराज पर 2,54,365 क्यूसेक पानी उपलब्ध था. बराज का जलस्तर 355 फीट पर संतुलित रखा गया है. खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए आवश्यकता के अनुसार विभिन्न लिंक नहरों में भी पानी छोड़ा जा रहा है.
नहरों में भी छोड़ा जा रहा पानी
सिंचाई सृजन जल संसाधन विभाग, डेहरी के मुख्य अभियंता अजय कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी संयोजक नहर में 7,314 क्यूसेक, पश्चिमी समानांतर संयोजक नहर में 1,811 क्यूसेक और पूर्वी संयोजक नहर में 4,255 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है.
रिहंद, वाणसागर और मुहम्मदगंज से भी आया पानी
मुख्य अभियंता के अनुसार उत्तर प्रदेश के रिहंद जलाशय से 8,148 क्यूसेक, मध्य प्रदेश के वाणसागर जलाशय से 3,307 क्यूसेक और झारखंड के मुहम्मदगंज भीम बराज से 40,148 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. इससे सोन नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.
40 गेट खोलकर निचले हिस्से में छोड़ा जा रहा पानी
गुरुवार को इंद्रपुरी बराज का जलस्तर 355 फीट संतुलित रखते हुए कुल 69 गेटों में से 40 गेट खोल दिए गए. इन गेटों से सोन नदी के निचले हिस्से में 2,40,985 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है.
कटाव वाले क्षेत्रों में अभियंताओं की तैनाती
मुख्य अभियंता ने बताया कि जिन स्थानों पर कटाव की संभावना है, वहां अभियंताओं को मुस्तैद रखा गया है. विभागीय टीमें स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कटाव निरोधी कार्य कराया जाएगा.
