Rohtas News : बिहार सरकार के प्रस्तावित उच्च शिक्षा विधेयक के विरोध में बुधवार को शेरशाह कॉलेज, सासाराम के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी संघ ने काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों और कर्मचारियों ने कॉलेजों की स्वायत्तता में संभावित हस्तक्षेप पर चिंता जताते हुए सरकार से विधेयक के प्रावधानों पर पुनर्विचार करने की मांग की.
स्वायत्तता से ही मजबूत होगी उच्च शिक्षा व्यवस्था
शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. सुभाषचंद्र सिंह ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों की स्वायत्तता गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शैक्षणिक विकास की आधारशिला है. उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षकों एवं कर्मचारियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए प्रस्तावित विधेयक के संबंधित प्रावधानों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए.
उच्च शिक्षा के हित में उठाई आवाज
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका विरोध किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा व्यवस्था के हितों की रक्षा के लिए है. उन्होंने शांतिपूर्ण ढंग से काली पट्टी बांधकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई और सरकार से सभी पक्षों से संवाद कर उचित निर्णय लेने की अपील की.
बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी रहे शामिल
प्रदर्शन में शिक्षक संघ के सचिव डॉ. राकेश कुमार, डॉ. मुस्तफा नवाज, डॉ. बी.डी. श्रीवास्तव, प्रो. दीपक कुमार, प्रो. अनुपम कुमार सिंह, डॉ. सतीश कुमार वर्मा, डॉ. शिव विवेक, प्रो. राजू रंजन सिंह सहित शिक्षकेतर कर्मचारी राजेश कुमार, सच्चिदानंद सिंह, कमल कुमार, शिवाकांत, मनीष कुमार, धीरेंद्र श्रीवास्तव, अभय कुमार, विक्की राज तथा अन्य कर्मी शामिल रहे. सभी ने काली पट्टी लगाकर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया.
