सासाराम समाहरणालय स्थित डीआरडीए सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में साप्ताहिक समन्वय बैठक हुई. इसमें विभिन्न विभागों के लंबित मामलों और योजनाओं की समीक्षा की गई. डीएम ने न्यायालय में लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर विशेष जोर दिया.
उन्होंने अधिकारियों को इस सप्ताह कम से कम 30 मामलों में प्रतिशपथ दाखिल कर जिला विधि शाखा को सूचना देने का निर्देश दिया. समीक्षा में बताया गया कि पिछले सप्ताह रिट याचिका मामलों में 15 और अवमानना मामलों में दो प्रतिशपथ न्यायालय में दाखिल किया गया. सबसे अधिक मामले सासाराम, कोचस, डेहरी, शिवसागर, दिनारा और बिक्रमगंज के अंचल अधिकारियों समेत अन्य विभागीय अधिकारियों के स्तर पर लंबित पाए गए. संबंधित अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई का निर्देश दिया गया.
सहयोग पोर्टल के पुराने आवेदन निपटाएं, लाभुकों को जमीन पर दिलाएं कब्जा
डीएम ने सहयोग पोर्टल, जनता दरबार, लोक शिकायत, मुख्यमंत्री के ऑनलाइन निगरानी पटल आदि से प्राप्त आवेदनों की भी समीक्षा की. 20 दिनों से अधिक समय से लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश जिला पशुपालन पदाधिकारी को दिया गया. विभागीय स्तर पर मांगे गए स्पष्टीकरण का जवाब भी समय पर ऑनलाइन पटल पर अपलोड करने की बात कही.
आपदा प्रबंधन की समीक्षा में दो से तीन साल पुराने मुआवजा मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने और लाभुकों को सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश अनुमंडल पदाधिकारियों व अंचल अधिकारियों को दिया गया. वहीं, लंबित आकस्मिक निकासी, समायोजन और उपयोगिता प्रमाणपत्रों की अद्यतन स्थिति भेजने की बात कही.
सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को जन्म-मृत्यु संबंधी मामलों का समय पर निष्पादन, जबकि अंचल अधिकारियों को अभियान बसेरा-दो के तहत पर्चा वितरण और प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लाभुकों को आवंटित जमीन पर कब्जा दिलाने का निर्देश दिया गया. कायाकल्प अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्र, विद्यालय कक्ष, संपर्क सड़क और शवदाह केंद्र जैसी आधारभूत योजनाओं को गति देने के लिए भी निर्देशित किया गया.
