पुरुलिया से दिल्ली के बीच दौड़ेगी नई साप्ताहिक ट्रेन, सासाराम और डेहरी में ठहराव, क्या है टाइम-टेबल

Purulia Anand Vihar Express: रेलवे ने पुरुलिया से आनंद विहार के बीच नई साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन चलाने की घोषणा की है. इस ट्रेन का ठहराव सासाराम, डेहरी ऑन सोन और भभुआ रोड स्टेशन पर भी होगा. इससे यात्रियों को दिल्ली और पश्चिम बंगाल जाने में बड़ी सुविधा मिलेगी.

Purulia Anand Vihar Express: रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए पुरुलिया से आनंद विहार टर्मिनल के बीच एक नई साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन शुरू करने का फैसला किया है. यह ट्रेन सासाराम जंक्शन के साथ-साथ डेहरी ऑन सोन और भभुआ रोड स्टेशन पर भी रुकते हुए जाएगी.

नई ट्रेन संख्या के शुरू होने से रोहतास और कैमूर जिले के लोगों के लिए रांची और पश्चिम बंगाल जाना अब काफी आसान हो जाएगा. स्थानीय लोग और रेल यात्री लंबे समय से इस रूट पर नई ट्रेन की मांग कर रहे थे, जिसे रेलवे बोर्ड ने अब हरी झंडी दे दी है.

क्या है टाइम-टेबल

जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 14022 हर मंगलवार सुबह 5 बजे आनंद विहार से रवाना होगी. यह मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, अयोध्या कैंट, वाराणसी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन जैसे स्टेशनों पर रुकते हुए भभुआ रोड, सासाराम और डेहरी पहुंचेगी. इसके बाद यह सोननगर, जपला, गढ़वा, रांची होते हुए पुरुलिया तक जाएगी.

वापसी में 14021 नंबर से यह ट्रेन हर शनिवार रात 11:10 बजे पुरुलिया से खुलेगी और तय स्टेशनों पर रुकते हुए आनंद विहार पहुंचेगी. इस ट्रेन के चलने से न केवल कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि रेलवे के राजस्व में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

कनेक्टिविटी और कमाई बढ़ेगी

इस नई ट्रेन में 22 कोच होंगे और इसे आनंद विहार-राधिकापुर एक्सप्रेस के रैक के साथ चलाया जाएगा. लंबे समय से लोग इस ट्रेन की मांग कर रहे थे. नई ट्रेन शुरू होने से क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी, यात्रियों को सहूलियत मिलेगी और रेलवे की कमाई भी बढ़ेगी.

इसे भी पढ़ें: फार्मर रजिस्ट्री में लापरवाही पड़ी भारी, बिहार के इस जिले में 38 CSC संचालकों की मान्यता रद्द

बिहार में जमीन के 40 लाख कागज गलत, अंचलों में ही होगा समाधान, विधानसभा में बोले डिप्टी सीएम

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >