सारण: मांझी थाना क्षेत्र के नरपालिया गांव निवासी मजदूर असलम खान (37 वर्ष) की बेंगलुरु में हुए हादसे के बाद इलाज के दौरान मौत हो गयी. रविवार को असलम का शव गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में मातम छा गया. परिजनों के चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया.
जानकारी के अनुसार असलम खान पिछले कई वर्षों से बेंगलुरु में रहकर भवन निर्माण कार्य में मजदूरी करते थे. करीब 27 दिन पहले निर्माणाधीन मकान में काम करने के दौरान अचानक भाड़े से गिर गए थे. इस हादसे में उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आयी थीं.
इलाज के बाद घर लौटने के दौरान रास्ते में तोड़ा दम
हादसे के बाद उन्हें बेंगलुरु के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था. प्राथमिक उपचार के बाद परिजन उन्हें एंबुलेंस से घर लेकर आ रहे थे. इसी दौरान रविवार की सुबह रास्ते में ही उनकी मौत हो गयी.
शव गांव पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पहुंच गए और परिजनों को ढांढस बंधाया.
इकलौते कमाने वाले सदस्य की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
असलम खान की असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. वह परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे. उनकी पत्नी का भी करीब दो वर्ष पहले निधन हो चुका है. मृतक अपने पीछे एक पुत्र और दो पुत्रियों को छोड़ गए हैं.
ग्रामीणों ने बताया कि असलम मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे. उनकी मौत से पूरे नरपालिया गांव में शोक का माहौल है.
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