दो महीने के मानदेय भुगतान को लेकर सफाईकर्मियों का हड़ताल जारी, ठप है सफाई का काम

Updated at : 06 Jun 2024 9:52 PM (IST)
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दो महीने के मानदेय भुगतान को लेकर सफाईकर्मियों का हड़ताल जारी, ठप है सफाई का काम

पिछले दो महीने के मानदेय भुगतान नहीं होने के विरोध में नगर पंचायत के एनजीओ से जुड़े 105 सफाईकर्मी पिछले छह दिनों से हड़ताल पर हैं. जिससे नगर की सफाई व्यवस्था चौपट हो गयी है. वहीं जगह-जगह कूड़े कचरों का अंबार लग गया है.

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दिघवारा. पिछले दो महीने के मानदेय भुगतान नहीं होने के विरोध में नगर पंचायत के एनजीओ से जुड़े 105 सफाईकर्मी पिछले छह दिनों से हड़ताल पर हैं. जिससे नगर की सफाई व्यवस्था चौपट हो गयी है. वहीं जगह-जगह कूड़े कचरों का अंबार लग गया है. मुख्य बाजार समेत नगर के सभी वार्डों में कचरों का उठाव नहीं होने से स्थिति नारकीय स्थिति बन गयी है. जिससे लोगों का बुरा हाल है. पिछले छह दिनों से डोर टू डोर कचरे का उठाव बंद होने से नगर के लोगों में आक्रोश भी व्याप्त है. मुख्य बाजार के दुकानदार अपनी दुकानों के सामने लगे कचरों को खुद साफ कर रहे हैं, तो नगरवासियों द्वारा अपने घर के कचरों को खुद शहर से दूर ले जाकर फेंका जा रहा है. सफाईकर्मियों के हड़ताल के चलते निर्वाचित प्रतिनिधियों को भी नगरवासियों के आक्रोश को झेलना पड़ रहा है. उधर सफाई कर्मियों का कहना है कि ठेकेदार द्वारा उन लोगों का मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है. जिसके कारण उन लोगों का दो महीने से मानदेय भुगतान लंबित है. इससे अजीज होकर सफाई कर्मियों ने हड़ताल करने का निर्णय किया है. वहीं ठेकेदार का कहना है कि उनको चेक नहीं मिला है. जिससे सफाई कर्मियों का मानदेय भुगतान लंबित हो गया है. हड़ताल के क्रम में ही गुरुवार को हड़ताल पर जमे सभी सफाईकर्मियों ने नगर पंचायत कार्यालय पर पहुंचकर बवाल काटा और अपने लंबित मानदेय के अविलंब भुगतान की मांग की. इस दौरान सफाई कर्मियों द्वारा नगर कार्यालय परिसर में जगह-जगह कचरा फेंककर गंदगी फैलाते हुए अपने गुस्से का इजहार भी किया गया. मुख्य पार्षद प्रतिनिधि प्रमोद कुमार सिंह, उप मुख्य पार्षद प्रतिनिधि संतोष प्रसाद समेत कई वार्ड पार्षदों व पुलिस पदाधिकारियों ने आक्रोशित सफाईकर्मियों को समझा-बुझाकर शांत करवाया. जिसके बाद स्थिति सामान्य हो सकी. कई वार्ड पार्षद ने बताया कि सफाई कर्मियों के मानदेय लंबित होने का कारण टेंडर का अचानक बदला जाना भी है. पहले लखराज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड एनजीओ द्वारा नगर में सफाई का कार्य करवाया जाता था, जिसे बीते एक जून से बदलकर नारी उत्थान संस्था को दे दिया गया. इसके बाद से पुरानी कंपनी का पेमेंट नहीं होने से सफाईकर्मियों का मानदेय व पीएफ लंबित हो गया. इस बाबत पूछे जाने पर नगर के कार्यपालक पदाधिकारी रामविलास दास ने कहा कि लंबे वक्त से टेंडर नहीं हुआ है. इतना ही नहीं उनको सफाईकर्मियों द्वारा संपादित कार्य का ब्योरा नहीं मिला है. जिससे भुगतान की प्रकिया लंबित है. नियमानुकूल तरीके से ही कार्य को शुरू करवाने की कोशिश जारी है. उधर लंबी अवधि से सफाई कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने के बाद से मुख्य पार्षद, उप मुख्य पार्षद समेत अन्य वार्ड पार्षद भी अपने-अपने स्तर से कार्य को शुरू करवाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन गुरुवार तक उन लोगों को सफलता नहीं मिल सकी थी और नगर में सफाई का काम लंबित पड़ा था.

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