Samastipur News:''मापन कौशल व शब्दावली विकास'' पर विशेष प्रोजेक्ट जारी

फएलएन के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डायट, पूसा द्वारा मापन कौशल और शब्दावली विकास नामक माइक्रो इंप्रूवमेंट प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई है.

Samastipur News:समस्तीपुर : एफएलएन के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डायट, पूसा द्वारा मापन कौशल और शब्दावली विकास नामक माइक्रो इंप्रूवमेंट प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई है. इस कोर्स को तकनीकी रूप से डायट पूसा के प्राचार्य श्वेता सोनाली, व्याख्याता मयूराक्षी मृणाल एवं जिला तकनीकी ऋतुराज जायसवाल के सहयोग से तैयार किया गया है. यह विद्यार्थियों में मापन की अवधारणा की समझ बनाने, गतिविधि के माध्यम से सीखने व स्थानिक शब्दावली के विकास में महत्वपूर्ण पहल है. डायट पूसा के प्राचार्य श्वेता सोनाली ने बताया कि इस माइक्रो इंप्रूवमेंट प्रोजेक्ट का उद्देश्य शिक्षक मापन की अवधारणा और स्थानिक समझ को खेल और मजेदार गतिविधियों के माध्यम से सीखा सकेंगे. मापन कौशल और स्थानिक शब्दावली बच्चों में गणितीय और तार्किक समझ विकसित करने के लिए आधारभूत क्षमताएं हैं. मापन में लंबाई, वजन, आयतन का सही उपयोग और स्थानिक शब्दावली में ””””ऊपर-नीचे””””, ””””आगे-पीछे””””, ””””निकट-दूर”””” जैसे शब्दों की समझ शामिल है, जो वस्तुओं को व्यवस्थित करने और मानचित्रों को समझने में मदद करती है.

मापन सिर्फ अंकों का खेल नहीं है

व्याख्याता मयूराक्षी मृणाल ने बताया कि मापन सिर्फ अंकों का खेल नहीं है, बल्कि यह सीखने की प्रक्रिया का एक हिस्सा है. जिसमें बच्चों को उनके परिवेश के संदर्भ में वस्तुओं को समझने की क्षमता विकसित करनी चाहिए. यह कौशल बच्चों में तर्कसंगत और स्थानिक सोच को बढ़ाता है, जिससे वे न केवल गणितीय समस्याओं को हल कर पाते हैं, बल्कि अपने पर्यावरण के साथ प्रभावी ढंग से बातचीत भी कर पाते हैं. मापन कौशल का विकास बच्चों को न केवल अकादमिक रूप से, बल्कि दैनिक जीवन की स्थितियों में भी अधिक स्वतंत्र और समझदार बनाता है.

शब्दावली विकास में स्मृति खेलों की भूमिका

शिक्षक ऋतुराज जायसवाल बताते हैं कि शब्दावली भाषा की नींव है और बच्चे नये शब्दों को खेल-खेल में सीखने पर सबसे अच्छी तरह सीखते हैं. सबसे प्रभावी साधनों में से एक क्या है, स्मृति खेल सरल और रोचक गतिविधियां जो बच्चों को नई भाषा को स्वाभाविक रूप से आत्मसात करने और याद रखने में मदद करती हैं. स्मृति खेल शब्दावली बढ़ाने का एक मनोरंजक और कारगर तरीका है. चाहे आप डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हों या खुद कार्ड बना रहे हों, ये खेल शब्दों को याद रखने में मदद करते हैं. सीखने को एक चुनौती और उत्सव में बदलकर, स्मृति-आधारित गतिविधियां बच्चों को उनके बढ़ते भाषा कौशल को बनाये रखने और उसका आनंद लेने के लिए उपकरण प्रदान करती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Ankur kumar

Ankur kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >