समस्तीपुर नगर निगम: नगर निगम कार्यालय के प्रशासनिक भवन में शनिवार को नगर आयुक्त गौतम कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इसमें नगर निगम के पदाधिकारियों और सफाई एजेंसी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. बैठक का मुख्य उद्देश्य शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़, नियमित और अधिक गुणवत्तापूर्ण बनाना रहा.
डोर-टू-डोर कचरा उठाव और सड़कों की सफाई
नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि शहर की प्रमुख सड़कों, व्यस्त गलियों और सार्वजनिक स्थलों पर सुबह और शाम दोनों समय नियमित रूप से झाड़ू लगाई जाए. कचरा प्रबंधन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
- कचरा उठाव: घर-घर से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग उठाने की व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावी बनाया जाए.
- डिवाइडर लाइट व सायनेज: सड़कों के डिवाइडर पर लगी लाइटों और सायनेज बोर्ड को निर्धारित समय पर ही चालू और बंद किया जाए.
सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक और जन-जागरूकता
शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए नगर आयुक्त ने विशेष अभियान चलाने का निर्देश जारी किया.
- प्रतिबंधित क्षेत्रों में सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग करने वालों पर सख्त रोक लगाई जाएगी.
- सभी दुकानदारों और ग्राहकों को कपड़े के थैलों का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित और जागरूक किया जाएगा.
बीमारियों की रोकथाम और एंटी-लार्वा छिड़काव
जलजमाव और संक्रामक बीमारियों के फैलाव को रोकने के लिए नालों की सफाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई.
- शहर के छोटे-बड़े सभी नालों से गाद निकालकर नियमित सफाई सुनिश्चित की जाएगी.
- मच्छरों के प्रजनन को खत्म करने के लिए सभी नालों में कीटनाशक और एंटी-लार्वा रसायनों का सघन छिड़काव होगा.
नागरिकों की सहभागिता जरूरी
नगर आयुक्त ने कहा कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने का लक्ष्य केवल निगम प्रशासन के बूते पूरा नहीं हो सकता. इसमें आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सबसे अहम है. उन्होंने शहरवासियों से कचरा सड़कों पर न फेंककर कूड़ेदान में डालने और सफाई अभियान में सहयोग करने की अपील की. बैठक में नगर प्रबंधक रघुनाथ पासवान, आशुतोष मिश्रा, स्वच्छता पदाधिकारी विवेक कुमार सहित कई प्रमुख अधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे.
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