भगवत ठाकुर इंटर विद्यालय में फूटा छात्रों का आक्रोश, योजना राशि न मिलने पर हंगामा, प्रभारी प्रधानाध्यापक निलंबित

समस्तीपुर के भगवत ठाकुर इंटर विद्यालय में सत्र 2023-24 की योजना राशि न मिलने से छात्र-छात्राएं भड़क उठे. एचएम की लापरवाही के आरोप में प्रभारी प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया है.

student protest: समस्तीपुर जिले के किशनपुर स्थित पीएम श्री राजकीयकृत भगवत ठाकुर इंटर विद्यालय के छात्र-छात्राओं का सब्र उस वक्त जवाब दे गया, जब सत्र 2023-24 के नवम वर्ग के छात्रों को अब तक लाभुक आधारित योजनाओं की राशि नहीं मिल पाई. स्थिति तब और गंभीर हो गई जब नौवीं से दसवीं में उत्तीर्ण होकर छात्र अब मैट्रिक की वार्षिक परीक्षा देने की दहलीज पर आ चुके हैं, लेकिन सरकारी योजनाओं का एक भी रुपया उनके खातों तक नहीं पहुंचा है.

Samastipur News: एचएम की लापरवाही और तकनीकी कारणों का हवाला

जब छात्रों ने इस बाबत प्रभारी प्रधानाध्यापक से जवाब तलब किया, तो उनकी ओर से 'तकनीकी कारणों' का हवाला दिया गया. हालांकि, मौके पर मौजूद शिक्षकों और छात्रों का आरोप है कि यह तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि एचएम की लापरवाह कार्यप्रणाली और मनमानी का नतीजा है. इस लापरवाही के कारण विद्यालय के कुल 487 छात्र-छात्राएं साइकिल, छात्रवृत्ति और पोशाक जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की राशि से वंचित रह गए हैं.

विद्यालय परिसर में हंगामा करते छात्र छात्राएं व देखते शिक्षक | Prabhat Khabar Network

जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप से शांत हुआ मामला

हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय मुखिया और सरपंच तुरंत विद्यालय पहुंचे. उन्होंने आक्रोशित बच्चों को समझा-बुझाकर शांत कराया और जल्द से जल्द जिला स्तर पर अधिकारियों से बात कर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया. जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ, लेकिन इस घटना ने स्कूल प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे अभिभावकों में भी भारी रोष देखा जा रहा है.

डीईओ की बड़ी कार्रवाई, प्रभारी प्रधानाध्यापक निलंबित

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीईओ कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने बताया कि विशिष्ट शिक्षक-सह-प्रभारी प्रधानाध्यापक प्रकाश चन्द्र प्रकाश को गंभीर प्रशासनिक अनियमितताओं, वित्तीय संधारण में खामियों और पदीय दायित्वों के प्रति उदासीनता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. समीक्षा में यह भी पाया गया कि उनके द्वारा विद्यालय के वित्तीय अभिलेखों का नियमानुसार संधारण नहीं किया गया है, जिसके फलस्वरूप प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता परिलक्षित होती है. इसके अतिरिक्त, विद्यालय में शिक्षण-सामग्री एवं अन्य संसाधनों का रखरखाव अत्यंत असंतोषजनक पाया गया, प्रयोगशाला की स्थिति दयनीय मिली, परिसर में गंदगी का अंबार देखा गया और कक्षाओं का संचालन सुव्यवस्थित रूप से नहीं कराया जा रहा था.

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By Prakash kumar

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